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ढींडसा की चुनावी सभा में लौंगोवाल का विरोध, अकालियों ने लाठियों से पीट पंडाल से निकाला



Protest of Longowal in Dhindsa’s election rally |

    • धौला में शिअद की सभा में सिख युवकों ने लगाए नारे, दिखाई काली झंडियां

 

    • काफी देर तनाव रहा, लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत किया

 

    • युवक बोले-प्रधान सिख धर्म का सांझा, उसे किसी पार्टी का प्रचार नहीं करना चाहिए

 

बरनाला. गांव धौला में अकाली दल के संगरूर हलके से प्रत्याशी परमिंदर सिंह ढींडसा का चुनाव प्रचार करने पहुंचे एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल का युवकों ने विरोध किया। उनका कहना था, एसजीपीसी प्रधान सिख धर्म का सांझा होता है। उसे किसी भी पार्टी का प्रचार नहीं करना चाहिए।

लौंगोवाल के संबोधन के दौरान ही युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और काली झंडियां दिखाईं। अकाली-भाजपा नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद लौंगोवाल उन पर भड़क गए और उन्हें कांग्रेस का एजेंट कह दिया।

इतना कहते ही वहां पर मौजूद अकाली वर्करों ने प्रदर्शनकारियों को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। दोनों पक्ष भिड़ते हुए पंडाल के बाहर आए गए। कुछ लोगों ने दोनों को पक्षों को समझा कर और बीच-बचाव कर मामले

को शांत किया। काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

अकाली सरकार में हुई बेअदबी से खफा हैं युवक :

विरोध प्रदर्शन कर रहे मक्खन सिंह, खुशवंत सिंह, गुरप्रीत सिंह, भाग सिंह, सोना सिंह, बलदेव सिंह ने कहा कि एसीजीपीसी का प्रधान पूरी सिख कौम का सांझा होता है। लेकिन वह अकाली दल का प्रचार कर रहे हैं। पिछले समय में अकाली सरकार में बेअदबी हुई और अकाली नेताओं के नाम बेअदबी कांड में उछलते रहे हैं। ऐसे में अकाली दल का प्रचार करना प्रधान के लिए बेहद गलत है। इसलिए वे विरोध कर रहे हंै। उन्होंने कहा कि वह इसी तरह विरोध करते रहेंगे।

युवकों ने चुनावी बायकॉट के लिए बुलाई गांव की सभा :

विरोध कर रहे युवकों ने कहा, चुनाव से 2 दिन पहले पूरे गांव की सभा बुलाई है। उसमें चुनाव बायकॉट का फैसला लेंगे। बता दें, बेअदबी मामले में संवेदनशील रहे गांव धौला ने करीब साल पहले जिला परिषद व ब्लाक समिति चुनाव का बायकॉट किया था। 1400 में से सिर्फ 150 ने वोट डाला था।

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