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भारत सरकार की RCF कपूरथला पर निजीकरण करने की पड़ी मार, 100 दिन का दिया अल्टीमेटम..



Mera Bharat News (Jalandhar)

RCF के कर्मचारियों की सभी यूनियनों एवं एसोसिएशन द्वारा बनाए गए सांझा मंच “आर.सी.एफ बचाओ संघर्ष कमेटी” कपूरथला की तरफ से आज पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 100 दिन का एक्शन प्लान जारी करते हुए, कपूरथला सहित सभी सातों उत्पादन इकाइयों को रेलवे से अलग करके, निजीकरण करने के तानाशाही आदेश जारी किये है।

RCF के कर्मचारियों की सभी यूनियनों एवं एसोसिएशनों ने सांझा मंच “आरसीएफ बचाओ संघर्ष कमेटी” के झंडे तले एकजुट होकर ‘करो या मरो’ के इरादे के साथ संघर्ष करते हुए इस तानाशाही आदेश को रद्द करवाने के लिए लड़ने की प्रतिज्ञा ली है। जोकि RCF बचाओ संघर्ष कमेटी द्वारा दिनांक 1जुलाई से लगातार जारी है।

अपना रोष दिखाते हुए RCF के कर्मचारियों एवं उनके परिवार वालों ने 4 जुलाई को कारखाने के रामलीला मैदान में रोष प्रदर्शन रैली निकाली जिसमे सभी आयु की महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल थे।

RCF बचाओ संघर्ष कमेटी का कहना है कि सरकार केवल आरसीएफ ही नहीं बल्कि और भी सरकारी अदारों का धीरे-धीरे निजीकरण करने की तरफ अग्रसर है। सरकार भारतीय जनता की भलाई की बजाए उन लोगों की भलाई के बारे में सोच रही है जो चुनावों के समय सरकार को फंडिंग करतें हैं|

आखिर में सरबजीत सिंह ने कहा कि अगर RCF का निजीकरण हो जाता है तो इसका नुक्सान केवल रक्फ कर्मचारियों की नहीं बल्कि रेल से रोज़ सफर करने वाले उन हज़ारों लाखों लोगों भी होगा| क्युकि निजीकरण में किराये दोगुना चौगुना करे जायेगे और रेल यात्रियों के साथ मनमर्ज़ी का व्यवहार किया जायेगा|


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