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Shia Waqf Board on Ayodhya Land: सुन्नी वक्फ बोर्ड ने ठुकराई मस्जिद की ‘5 एकड़ जमीन’ तो शिया वक्फ बोर्ड पेश करेगा अपना दावा – shia waqt board will file plea for 5 acre land in ayodhya



 

वसीम रिजवी

हाइलाइट्स

  • शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बुधवार को दिया बड़ा बयान
  • मस्जिद के लिए दी जाने वाली जमीन पर शिया वक्फ बोर्ड कर सकता है दावा
  • सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के जमीन ठुकराने पर शिया वक्फ बोर्ड करेगा दावा
  • वसीम रिजवी बोले- जमीन हमें मिली तो बनाएंगे अस्पताल, होगा सभी धर्म के लोगों का इलाज

लखनऊ

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगा। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अब तक अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन लिए जाने के फैसले पर कोई निर्णय नहीं लिया है। बोर्ड ने अब तक यह तय नहीं किया है कि वह मस्जिद निर्माण के लिए मिलने वाली जमीन पर दावा करेगा या नहीं। इस बीच, शिया वक्फ बोर्ड ने कहा है कि अगर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड जमीन लेने को राजी ना हो तो इस जमीन को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दे दिया जाए।

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की बैठक के बाद बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा कि हमनें यह प्रस्ताव पास किया है कि अगर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड मस्जिद निर्माण के लिए आवंटित जमीन को स्वीकार नहीं करता है तो हम इस जमीन को शिया वक्फ बोर्ड को देने की मांग करेंगे। हम इस जमीन पर एक अस्पताल बनाएंगे, जिसमें सभी धर्म के लोगों का मुफ्त इलाज हो सकेगा। बता दें कि हाल ही में अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पुनर्विचार याचिका न दाखिल करने का फैसला लिया है।

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‘बोर्ड की बैठक में जमीन को लेकर फैसला नहीं’

वक्फ बोर्ड के इस फैसले से शांतिपूर्ण माहौल में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होता दिख रहा है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य अब्दुल रज्जाक खान ने कहा कि हमारी मीटिंग में बहुमत से रिव्यू पिटिशन दाखिल न करने का प्रस्ताव पारित हुआ है। हालांकि इस बैठक में शीर्ष अदालत की ओर से मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन दिए जाने के आदेश को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। गौरतलब है कि बोर्ड ने पहले भी अपनी ओर से जारी कई बयानों में कहा था कि वह इस मसले पर रिव्यू पिटिशन के पक्ष में नहीं है।

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