जानकारी देते हए पंजाब के DGP गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि यह गिरोह सीधे पाकिस्तान स्थित हैंडलर की देखरेख में काम कर रहा था। ऑपरेटिव्स को निर्देश व्हाट्सऐप के जरिए भेजे जाते थे, जिसके अनुसार वे सीमापार से ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों को उठाकर आगे सप्लाई करते थे।
जांच में सामने आया है कि रात के समय ड्रोन पंजाब सीमा में प्रवेश कर गुप्त स्थानों पर हथियार गिराते थे। आरोपी इन्हें लेकर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार यह मॉड्यूल काफी समय से सक्रिय था और लगातार हथियारों की सप्लाई चेन बनाए रखने की कोशिश में था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को हर गतिविधि से संबंधित निर्देश सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड चैट के माध्यम से मिलते थे, जिससे किसी बाहरी एजेंसी को इसकी भनक तक नहीं लग पाती थी। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क पंजाब में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में था।