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वायरल “19 मिनट का वीडियो” निकला साइबर जाल, फर्जी लिंक से बढ़ रहा धोखाधड़ी का खतरा

वायरल “19 मिनट का वीडियो” निकला साइबर जाल, फर्जी लिंक से बढ़ रहा धोखाधड़ी का खतरा

मैलवेयर इंस्टॉल कर रहा डेटा चोरी–बैंकिंग फ्रॉड का नया ट्रेंड; विशेषज्ञों ने दी कड़ी चेतावनी

अश्लील कंटेंट फैलाने पर IT Act के तहत 5 साल तक की जेल का प्रावधान

सोशल मीडिया पर इन दिनों “19 मिनट का वीडियो” नाम का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि 19 मिनट 34 सेकंड लंबे इस वीडियो में एक जोड़े को आपत्तिजनक हालत में दिखाया गया है, लेकिन इसकी उत्पत्ति और वास्तविकता अब तक स्पष्ट नहीं है। इस वायरल अफवाह का फायदा उठाते हुए कई फर्जी अकाउंट्स यूजर्स को लिंक भेज रहे हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल या कंप्यूटर में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिससे फोन का डेटा चोरी होने, बैंकिंग ऐप्स हैक होने और सोशल मीडिया अकाउंट्स के नियंत्रण खोने का खतरा बढ़ जाता है।

कानून के मुताबिक, अश्लील कंटेंट को शेयर या फैलाना गंभीर अपराध है। IT Act की धारा 67 और 67A के तहत 3 से 5 साल की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है। वहीं IPC की धारा 292, 293 और 354C के तहत भी ऐसे कंटेंट के प्रसार पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

पुलिस और साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, वायरल दावों पर भरोसा न करें और फर्जी अकाउंट्स को तुरंत रिपोर्ट करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि “19 मिनट का वीडियो” असल में एक साइबर ट्रैप है, जिसका मकसद यूजर्स का डेटा चुराना है। इसलिए सावधान रहें और किसी भी लालच या उत्सुकता में अपनी डिजिटल सुरक्षा को खतरे में न डालें।