जालंधर में फर्जी NOC घोटाला उजागर: दो क्षेत्रों में 19 फर्जी NOC जारी होने का आरोप
RTI एक्टिविस्ट ने पूर्व MTP और ATP की भूमिका पर उठाए सवाल; Vigilance को शिकायत, नगर निगम को लाखों का नुकसान होने की आशंका
जालंधर में नगर निगम से फर्जी NOC जारी होने का एक बड़ा मामला सामने आया है। RTI एक्टिविस्ट करणप्रीत सिंह ने दावा किया है कि बस्तियात क्षेत्र में दो कालोनियों और श्री गुरु रविदास चौक के पास काटी गई एक कालोनी में प्लाटों की रजिस्ट्री करवाने के लिए कुल 19 फर्जी NOC जारी की गई हैं। आरोप है कि इनमें बस्तियात की कालोनियों की 13 और रविदास चौक के पास काटी गई अवैध कालोनी की 6 फर्जी NOC शामिल हैं। इससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है।
करणप्रीत सिंह के अनुसार यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2023 में हुआ, जब सरकार ने बिना NOC रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। उसी दौरान वड़िंग की एक कालोनी में भी फर्जी NOC जब्त की गई थी और संबंधित कालोनाइज़र के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की सिफारिश की गई थी। एक्टिविस्ट ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि रविदास चौक के पास काटी गई कालोनी में “Advance Meetring Technology Ltd. Through Agreement, Nand Lal पुत्र मोहन” के नाम पर जारी NOC नंबर PB/NOC/JUC/JALAN/106428 – दिनांक 07/08/2023 फर्जी पाई गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी NOC जारी करने का यह रैकेट कई वर्षों से सक्रिय है और इसमें निगम के पूर्व MTP और ATP की भूमिका संदिग्ध लगती है। वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग ब्रांच से ऐसी कोई NOC जारी ही नहीं की जाती, इसलिए मामले की गंभीर जांच जरूरी है। इस संबंध में पंजाब विजिलेंस को भी शिकायत भेजी गई है।