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जालंधर में डंकी रूट मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रीची ट्रैवल के दफ्तर और मालिक के घर पर छापेमारी

जालंधर में डंकी रूट मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रीची ट्रैवल के दफ्तर और मालिक के घर पर छापेमारी

जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डंकी रूट के जरिए लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने बस स्टैंड के पास स्थित रीची ट्रैवल के कार्यालय और जसवंत नगर स्थित उसके मालिक के आवास पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई अभी जारी है और लगातार नए इनपुट जुटाए जा रहे हैं।

यह छापेमारी उन मामलों से जुड़ी है, जिनमें भारतीय नागरिकों को डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा गया था। हाल ही में अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे भारतीयों से हुई पूछताछ के बाद कई ट्रैवल एजेंट ईडी की रडार पर आए थे।

पहले की कार्रवाई से मिले इनपुट के आधार पर जांच तेज

ईडी की जालंधर टीम ने इससे पहले भी डंकी रूट से जुड़े मामलों में दो ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5.41 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी। इसी सिलसिले में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 13 व्यावसायिक और रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। मौजूदा रेड उन्हीं जांचों से मिले सबूतों के आधार पर की जा रही है।

दिल्ली और पानीपत में भी रेड

सूत्रों के अनुसार, जालंधर के साथ-साथ दिल्ली में तरुण खोसला और पानीपत में बलवान शर्मा से जुड़े ठिकानों पर भी ईडी की टीम कार्रवाई कर रही है। बताया जा रहा है कि यह जांच उन FIRs के आधार पर शुरू की गई, जो फरवरी 2025 में अमेरिका से करीब 330 भारतीयों के डिपोर्ट होने के बाद दर्ज की गई थीं। इन नागरिकों को अमेरिकी सेना के कार्गो विमान के जरिए भारत भेजा गया था।

हवाला और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा

जांच में सामने आया है कि डंकी रूट के जरिए लोगों को अमेरिका भेजने के पीछे ट्रैवल एजेंटों, बिचौलियों, डोंकरों, विदेशों में बैठे सहयोगियों और हवाला ऑपरेटरों का संगठित नेटवर्क सक्रिय था। ईडी की पहले की दो बड़ी कार्रवाइयों में मिले दस्तावेज़ों और डिजिटल सबूतों के आधार पर अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

ईडी अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।