लुधियाना के क्लबों पर गंभीर आरोप: स्टैग पार्टी के नाम पर अवैध शराब, हुक्का और कथित नशे का धंधा
लुधियाना में एक ओर जहां पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए सख्त अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के साऊथ सिटी रोड, पक्खोवाल रोड और आसपास के इलाकों में स्थित कुछ क्लबों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार इन क्लबों में स्टैग/स्टेंजर पार्टी के नाम पर अमीर घरानों के युवक-युवतियों से भारी रकम वसूली जा रही है और उन्हें अवैध शराब, हुक्का, जुआ और कथित नशे की ओर धकेला जा रहा है।
अंडरएज एंट्री और महंगे पास का आरोप
बताया जा रहा है कि पैरागोन मार्कीट के पास सुखमणि मार्कीट, सनव्यू मार्कीट और पक्खोवाल रोड क्षेत्र में स्थित कुछ क्लबों में देर रात तक अंडरएज युवक-युवतियों की एंट्री करवाई जाती है। आयोजकों द्वारा 5,000 से 10,000 रुपये तक के पास बैंड जारी किए जाते हैं, जिन्हें टिकट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
हुक्का और अवैध शराब परोसने का दावा
सूत्रों का कहना है कि क्लबों के भीतर अवैध शराब और हुक्का परोसे जाते हैं। हुक्के के लिए अलग से 2,500 से 5,000 रुपये तक वसूले जाने के आरोप हैं। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए हुक्के को निजी कारों या क्लब की किचन में छुपाकर रखने की बात भी सामने आई है।
‘स्टेंजर पार्टी’ का नया चलन
कुछ क्लबों में तथाकथित ‘स्टेंजर पार्टी’ का नया चलन शुरू होने की भी जानकारी मिली है, जिसमें ऑनलाइन बुकिंग के जरिए अनजान युवक-युवतियों को एक कमरे में रखा जाता है। इन गतिविधियों को कानून और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया जा रहा है।
वीडियो बनाने पर रोक, बाउंसर तैनात
क्लबों में सुरक्षा के नाम पर निजी बाउंसर तैनात किए जाते हैं और वीडियो या फोटो बनाने पर सख्त पाबंदी होने की बात कही जा रही है।
क्रिसमस पर ईवी पार्टी की तैयारी?
सूत्रों के मुताबिक क्रिसमस के मौके पर कुछ क्लबों में ईवी पार्टी आयोजित करने की तैयारी है, जिसमें विदेशी (रशियन) लड़कियों को बुलाने के दावे किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की शिकायत
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि देर रात तेज शोर, ट्रैफिक जाम और असामाजिक गतिविधियों से उनका जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों में चल रहे ऐसे क्लबों पर सख्त कार्रवाई की जाए और क्रिसमस व नववर्ष के दौरान ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए, ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल सुरक्षित रह सके।