सूखी ठंड और कोहरे ने बढ़ाई बीमारियां, अस्पतालों में सर्दी-जुकाम व बुखार के मरीजों की भरमार
सर्दियों का मौसम आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन इस बार सूखी ठंड और घने कोहरे ने लोगों की सेहत पर विपरीत असर डालना शुरू कर दिया है। बारिश न होने के कारण मौसम में नमी की कमी बनी हुई है, जिससे सर्दी, जुकाम, बुखार और छाती से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा असर जनजीवन पर भी पड़ रहा है।
अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल, सरकारी टीबी अस्पताल और सिविल अस्पताल में प्रतिदिन खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक ठंड की चपेट में आ रहे हैं। सूखी ठंड के कारण विशेष रूप से छाती रोग और सांस से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मानसून के बाद अब तक एक बार भी बारिश नहीं हुई है, जिससे वातावरण में नमी की कमी बनी हुई है और सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं तापमान में लगातार गिरावट के चलते ठंड बढ़ती जा रही है, जो बीमारियों को न्योता दे रही है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और टीबी कंट्रोल प्रोग्राम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि वायु प्रदूषण और सूखी ठंड के कारण छाती रोगों के साथ-साथ हृदय रोग के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। इन दोनों तरह के मरीजों को सर्दियों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
छाती रोगियों को विशेष सावधानी की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कमजोर फेफड़ों वाले मरीजों को अधिकतर घर के अंदर रहने की सलाह दी है। सुबह के समय खुले वातावरण में सैर से बचने, खिड़कियां बंद रखने और घर पर ही हल्का व्यायाम करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीनेशन करवाने पर भी जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की गई है।
सरकारी अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
सरकारी मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर संदीप महाजन ने बताया कि अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। टीबी के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, वहीं दमा के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि खांसी या बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयों का सेवन न करें।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं परेशानियां
सरकारी टीबी अस्पताल के डॉक्टर विशाल वर्मा ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है, जिससे मरीजों की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में छाती रोग से संबंधित मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है, लेकिन मरीजों को खुद भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
लोगों को किया जा रहा है जागरूक
सरकारी टीबी अस्पताल के डॉक्टर तुषार बंसल ने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा लोगों को विभिन्न बीमारियों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। विशेष रूप से हृदय रोग और छाती से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।