युवती का शव नहर किनारे फेंकने का मामला सुलझा, चार आरोपी गिरफ्तार

31 जनवरी की रात गांव पवारां की नहर के समीप एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जब कार सवार कुछ लोग बाजू में सिरिंज लगी एक मृत युवती का शव फेंक कर फरार हो गए थे। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों में एक जेन कार दिखाई दी, जिसे कैमरा-टू-कैमरा ट्रेस करते हुए पुलिस कपूरथला पहुंची। जांच में पता चला कि उक्त कार देह व्यापार का धंधा करने वाली पिंकी नामक महिला की है। इसके बाद पुलिस ने पिंकी के घर रेड कर मामले से जुड़े चार आरोपियों को काबू कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रजिया सुल्ताना उर्फ रज्जो पुत्री गुलाम मोहम्मद निवासी कपूरथला, दीपा पुत्र तरसेम निवासी कपूरथला, गुरजीत सिंह जंजुआ पुत्र नरेन्द्र सिंह निवासी कपूरथला तथा सर्बजीत सिंह उर्फ पंजाब पुत्र सलिन्द्र सिंह निवासी गांव अठौला, जिला जालंधर के रूप में हुई है। थाना लांबड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया है।
पुलिस पूछताछ में रजिया सुल्ताना ने बताया कि वह देह व्यापार के धंधे में लिप्त है और गुरजीत, दीपा तथा सर्बजीत की मदद से मृतका कोमल के शव को जेन कार में डालकर नहर किनारे फेंका गया था। थाना लांबड़ा के एसएचओ गुरमीत राम ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर देखा गया कि जेन कार पुली की ओर गई और कुछ ही मिनटों बाद वापस लौट आई। इसी आधार पर कार को ट्रेस कर 48 घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान रजिया सुल्ताना ने यह भी स्वीकार किया कि मृतका कोमल नशे का सेवन करने की आदी थी। आरोपियों ने शव के साथ सिरिंज इसलिए लगाई थी ताकि मामला नशे की ओवरडोज से मौत का लगे और पुलिस गुमराह हो जाए, लेकिन उनकी यह योजना नाकाम रही। उसने बताया कि मौत से कुछ समय पहले कोमल को दर्द हुआ था, जिस कारण उसे इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मौत के पीछे और कौन-कौन से कारण व लोग शामिल हैं।