जिला अदालत के पास टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम, तीन गैंगस्टरों के दो और साथी होंगे नामजद


जिला अदालत के पास टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम, तीन गैंगस्टरों के दो और साथी होंगे नामजद

the plot for targeted killings has been exposed

जिला अदालत के समीप टारगेट किलिंग की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम करने के मामले में पुलिस को अहम कामयाबी मिली है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार तीन गैंगस्टरों के दो अन्य साथियों को भी अब नामजद किए जाने की तैयारी की जा रही है। दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं, हालांकि जांच प्रभावित न हो, इसे देखते हुए पुलिस अधिकारी फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा करने से बच रहे हैं।

चार विदेशी पिस्टल और 26 जिंदा कारतूस बरामद

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह, गुरविंदर सिंह और गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। दो दिन पहले काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने थाना थर्मल एरिया क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान बिना नंबर की कार को रोका था। तलाशी के दौरान कार से चार विदेशी पिस्टल और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

इसके बाद थाना थर्मल एरिया पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से पुलिस को दो दिन का रिमांड हासिल हुआ।

कनाडा में बैठे अर्श डल्ला के इशारों पर साजिश

पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिमांड के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कनाडा में बैठे कुख्यात गैंगस्टर अर्श डल्ला के निर्देशों पर इस वारदात को अंजाम देने आए थे। आरोपियों का टारगेट जिले के एक गांव से संबंध रखने वाला विरोधी गैंगस्टर था, जिसे अदालत में पेशी के दौरान गोली मारने की योजना बनाई गई थी।

इसी कड़ी में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं, जिनके आधार पर अब उन्हें इस केस में नामजद करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

व्हाट्सएप कॉल से मिली हथियारों की जानकारी

सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हथियार व्हाट्सएप कॉल के जरिए मुहैया करवाए गए थे। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान उजागर नहीं की और केवल यह जानकारी दी कि हथियार किस स्थान पर रखे गए हैं। बताए गए स्थान से ही आरोपियों ने हथियार उठाकर वारदात की तैयारी शुरू की थी। पुलिस का मानना है कि यह साजिश एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के तहत रची गई थी।

अदालत के आसपास की थी रेकी

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने जिला अदालत परिसर और आसपास के इलाकों की कई बार रेकी की थी और लगातार अपने टारगेट के अदालत आने का इंतजार कर रहे थे। योजना के अनुसार अदालत के पास ही टारगेट किलिंग को अंजाम देना था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

डीजीपी का बयान, अंतरराष्ट्रीय लिंक की पुष्टि

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी कुलदीप सिंह विशेष रूप से कनाडा से भारत आया था। इससे साफ होता है कि मामले के तार अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

फरार साथियों की तलाश जारी

सूत्रों के अनुसार, जिन दो अन्य साथियों के नाम आरोपियों ने रिमांड के दौरान उजागर किए हैं, वे सूचना मिलते ही भूमिगत हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।