दिल्ली विधानसभा में भारी हंगामा, आतिशी के कथित बयान पर कार्यवाही स्थगित

दिल्ली विधानसभा में बुधवार को राजनीतिक गहमागहमी अपने चरम पर रही। विपक्ष की नेता आतिशी के एक कथित बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि विधानसभा अध्यक्ष को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सिख गुरुओं के अपमान का आरोप बना विवाद की वजह
भाजपा विधायकों का आरोप है कि आतिशी ने अपने बयान में सिख गुरुओं का अपमान किया है, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा, अरविंदर सिंह लवली और तरविंदर सिंह मारवाह ने इस मुद्दे को सदन में पुरजोर तरीके से उठाया। नेताओं ने आतिशी पर श्री गुरु तेग बहादुर जी के अपमान का आरोप लगाया।
हंगामे के दौरान विधायक कपिल मिश्रा समेत कई भाजपा सदस्य हाथों में पोस्टर लेकर सदन के वेल में पहुंच गए। पोस्टरों पर “गुरुओं का अपमान नहीं सहेंगे” जैसे नारे लिखे थे। सदन के भीतर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई।
अध्यक्ष का सख्त रुख, आतिशी सदन में नहीं पहुंचीं
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पहले कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित किया और आतिशी को एक घंटे के भीतर सदन में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। हालांकि, जब सदन दोबारा शुरू हुआ तो आतिशी मौजूद नहीं थीं।
भाजपा विधायक मुकेश अहलावत ने दावा किया कि आतिशी गोवा चली गई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता कल तक प्रदूषण पर चर्चा की मांग कर रही थीं, वे आज दिल्ली छोड़कर चली गईं। आतिशी की ओर से कोई आधिकारिक सूचना न मिलने और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।
आगे क्या?
भाजपा और विपक्षी दलों ने आतिशी से सार्वजनिक माफी की मांग की है। भाजपा का कहना है कि जब तक इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता, तब तक सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलने दी जाएगी। वहीं, सरकार के प्रतिनिधियों का आरोप है कि यह मामला वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उछाला जा रहा है।