20 रुपये की पानी बोतल के 55 रुपये वसूलना पड़ा महंगा
चंडीगढ़ SCDRC का बड़ा फैसला, रेस्टोरेंट पर लगाया जुर्माना

एक साधारण पानी की बोतल का बिल कभी-कभी ग्राहकों के लिए भारी पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ से सामने आया है, जहां एक रेस्टोरेंट ने 20 रुपये MRP वाली पैक्ड पानी की बोतल के 55 रुपये वसूल लिए। ग्राहक की शिकायत पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (SCDRC) ने 9 दिसंबर 2025 को अहम फैसला सुनाया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि रेस्टोरेंट या होटल किसी भी प्री-पैक्ड उत्पाद को उसकी अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज्यादा कीमत पर नहीं बेच सकते। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
MRP में सभी टैक्स और खर्च शामिल
राज्य आयोग ने अपने आदेश में कहा कि MRP में पहले से ही सभी टैक्स, पैकेजिंग खर्च और विक्रेता का लाभ शामिल होता है। ऐसे में होटल या रेस्टोरेंट यह तर्क नहीं दे सकते कि सर्विस चार्ज या अन्य कारणों से वे ज्यादा कीमत वसूल सकते हैं।
शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला
यह मामला 12 दिसंबर 2023 का है। एक महिला ग्राहक शाम करीब 8:30 बजे चंडीगढ़ के एक रेस्टोरेंट में डिनर करने पहुंचीं। उनका कुल बिल 1,922 रुपये आया, जिसमें CGST और UTGST शामिल थे।
बिल में जब उन्होंने पानी की बोतल के लिए 55 रुपये चार्ज देखे, जबकि बोतल पर साफ तौर पर 20 रुपये MRP लिखा था, तो उन्होंने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए शिकायत दर्ज कराई।
जिला आयोग से निराशा, राज्य आयोग से राहत
शुरुआत में जिला उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक की शिकायत को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की। खास बात यह रही कि ग्राहक ने बिना किसी वकील की मदद के खुद ही अपना पक्ष रखा।
ग्राहक की जीत, रेस्टोरेंट पर 3,000 रुपये का जुर्माना
9 दिसंबर 2025 को SCDRC ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेस्टोरेंट को 3,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। आयोग ने इसे उपभोक्ताओं के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया।
उपभोक्ताओं के लिए बड़ा संदेश
इस फैसले से साफ संदेश गया है कि
-
पैक्ड सामान पर MRP से ज्यादा वसूली गैरकानूनी है
-
होटल या रेस्टोरेंट होने से नियम नहीं बदलते
-
उपभोक्ता जागरूकता से ऐसे मामलों में न्याय मिल सकता है