पाकिस्तान के सिंध में हिंदू मजदूर की गोली मारकर हत्या, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

नेशनल डेस्क।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बदिन जिले की तलहार तहसील के पीरू लाशारी गांव में एक प्रभावशाली जमींदार ने कथित तौर पर एक गरीब हिंदू कृषि मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
झोपड़ी बनाने को लेकर हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक कैलाश कोल्ही स्थानीय जमींदार सरफराज निज़ामानी के खेत में मजदूरी करता था। कैलाश ने अपने परिवार के रहने के लिए खेत में एक कच्ची और अस्थायी झोपड़ी बना रखी थी, जिस पर जमींदार को आपत्ति थी।
इसी बात को लेकर हुए विवाद के दौरान आरोप है कि सरफराज निज़ामानी ने अपनी बंदूक निकालकर कैलाश के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही कैलाश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
बदिन में उमड़ा जनाक्रोश
हत्या की खबर फैलते ही बदिन शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला। हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतर आए और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और पोस्टर थे, जिन पर अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ नारे लिखे थे।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों के चेहरे पर गुस्सा और पीड़ा साफ नजर आई।
मानवाधिकार संगठनों ने उठाई आवाज
पाकिस्तान दारावर इत्तेहाद के अध्यक्ष शिवा कच्छी ने इस हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा,
“सिंध में कोल्ही, भेल और मेघवाड़ समुदायों को इंसान नहीं समझा जा रहा। अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और अब खुलेआम हत्या आम होती जा रही है। यदि आरोपी को सख्त सजा नहीं दी गई, तो हालात और खराब होंगे।”
उन्होंने इस घटना को सुनियोजित उत्पीड़न करार देते हुए सरकार और प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।