जालंधर में गैस माफिया बेलगाम, बहादरके रोड–बस्ती जोधेवाल बने ‘मौत के अड्डे’

जालंधर में गैस माफिया बेलगाम, बहादरके रोड–बस्ती जोधेवाल बने ‘मौत के अड्डे’

जालंधर | लोकल रिपोर्ट

जालंधर बाईपास चौक के अंतर्गत आने वाले बहादरके रोड, सलेम टाबरी और बस्ती जोधेवाल के दर्जनों इलाके इन दिनों गैस माफिया का गढ़ बन चुके हैं। यहां खुलेआम मौत का काला कारोबार चल रहा है, जिससे इलाके के लोगों की जान पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। हालात इतने भयावह हैं कि दहशत के साए में जी रहे लोग अपने बच्चों को गली-मोहल्लों में खेलने भेजने से भी डर रहे हैं।

घरेलू सिलेंडरों से देसी बम जैसे सिलेंडरों में गैस की पलटी

इलाके में गैस माफिया द्वारा 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रूप से बनावटी और देसी बम जैसे सिलेंडरों में गैस भरी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की अवैध गैस ट्रांसफरिंग में जरा-सी चूक भी भयानक विस्फोट का कारण बन सकती है, जिसमें कई बेगुनाह लोगों की जान जा सकती है।

रोज उतर रहे गैस सिलेंडरों के जखीरे

स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में रोजाना घरेलू गैस सिलेंडरों के बड़े-बड़े जखीरे पहुंचाए जा रहे हैं। माफिया के गुर्गे बेखौफ होकर इन सिलेंडरों को—

  • किरियाना दुकानों

  • मनियारी शॉप

  • साइकिल रिपेयर की दुकानों

  • गैस चूल्हा रिपेयर

  • बर्तन बेचने की आड़ में चल रहे गैरकानूनी ठिकानों

तक पहुंचा रहे हैं और खुलेआम खाकी वर्दी को ठेंगा दिखा रहे हैं

पुलिस और विभाग की चुप्पी पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस जानलेवा कारोबार के बावजूद पुलिस और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध नजर आ रही है। आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।

AFSO पर गंभीर आरोप

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के ए.एफ.एस.ओ. चैरी भाटिया पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद गैस माफिया के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। बताया जा रहा है कि हाल ही में मीडिया कर्मियों के सामने ही चैरी भाटिया ने कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा के समक्ष ईस्ट इलाके में कार्रवाई न करने की बात कह दी, जो अपने आप में बेहद गंभीर और चिंताजनक है।

बड़े हादसे का इंतजार?

स्थानीय निवासियों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? लोगों ने मांग की है कि—

  • अवैध गैस रिफिलिंग अड्डों पर तुरंत छापेमारी हो

  • जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए

  • इलाके में नियमित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू की जाए

लोगों का साफ कहना है कि अगर समय रहते इस गैस माफिया पर नकेल नहीं कसी गई, तो जालंधर में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।