राजस्थान में शराब खरीदना हुआ सुरक्षित, मोबाइल से करें बोतल की जांच; आबकारी विभाग ने लॉन्च किया ‘सिटीजन एप’

जयपुर | स्टेट डेस्क
राजस्थान में अवैध शराब की तस्करी और जहरीली शराब से होने वाली घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। अब राज्य का कोई भी नागरिक शराब खरीदने से पहले अपने मोबाइल फोन से उसकी शुद्धता और प्रामाणिकता की जांच कर सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग ने ‘सिटीजन एप’ (Citizen App) लॉन्च किया है।
इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को नकली और मिलावटी शराब के जानलेवा खतरे से बचाना और अवैध शराब के काले कारोबार पर लगाम लगाना है।
कैसे काम करता है ‘सिटीजन एप’?
आबकारी विभाग द्वारा शराब की हर वैध बोतल पर एक होलोग्राम स्टीकर लगाया जाता है। इस स्टीकर पर मौजूद QR कोड उस बोतल की पूरी जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड होता है।
उपभोक्ता को बस इतना करना है कि—
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सिटीजन एप खोलें
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बोतल पर लगे QR कोड को स्कैन करें
यदि किसी कारण से कैमरा स्कैन नहीं कर पा रहा है, तो QR कोड के नीचे लिखा यूनिक नंबर मैन्युअली एप में डालकर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
स्कैन करते ही मिलेंगी ये अहम जानकारियां
QR कोड स्कैन करने पर मोबाइल स्क्रीन पर निम्नलिखित विवरण दिखाई देगा:
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ब्रांड का नाम – बोतल के लेबल और एप की जानकारी का मिलान
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MRP (कीमत) – सरकार द्वारा तय की गई असली कीमत
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पैकिंग तारीख और बैच नंबर
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निर्माता कंपनी / फैक्ट्री का नाम
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बोतल का साइज (जैसे 750 ml, 375 ml या 180 ml)
अगर एप में दिखाई गई जानकारी बोतल से मेल नहीं खाती, तो शराब संदिग्ध या नकली मानी जाएगी।
नकली शराब के खिलाफ आम नागरिक बनेगा ‘इंस्पेक्टर’
अलवर की जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने बताया कि शराब तस्कर अक्सर पुरानी बोतलों में नकली या मिलावटी शराब भरकर बेचते हैं, जो गंभीर रूप से जानलेवा साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सिटीजन एप के जरिए आम नागरिक खुद शराब की जांच कर सकता है, जिससे नकली शराब की पहचान मौके पर ही हो जाएगी।
कहां से डाउनलोड करें एप?
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यह एप Google Play Store पर मुफ्त उपलब्ध है
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कोई भी एंड्रॉयड मोबाइल यूजर इसे आसानी से डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकता है
जनस्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न सिर्फ अवैध शराब माफिया पर शिकंजा कसेगी, बल्कि शराब से होने वाली मौतों और हादसों को रोकने में भी अहम भूमिका निभाएगी।