पाकिस्तान में शादी करने वाली भारतीय सिख महिला गिरफ्तार, लाहौर के सरकारी आश्रय गृह में भेजा गया

नई दिल्ली/लाहौर। पाकिस्तान यात्रा के दौरान नवंबर में एक स्थानीय मुस्लिम युवक से शादी करने वाली भारतीय सिख महिला को पाकिस्तानी पुलिस ने गिरफ्तार कर लाहौर के सरकारी आश्रय गृह (दारुल अमान) भेज दिया है। पंजाब सरकार के सूत्रों ने बुधवार को इस घटनाक्रम की पुष्टि की।
गिरफ्तार महिला की पहचान सरबजीत कौर (48) के रूप में हुई है। वह उन लगभग 2,000 सिख तीर्थयात्रियों में शामिल थीं, जो पिछले साल नवंबर में गुरु नानक जयंती के अवसर पर वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान गए थे। कुछ दिनों बाद जब तीर्थयात्री भारत लौट आए, तब सरबजीत कौर लापता पाई गईं।
पाकिस्तान पहुंचते ही की थी शादी
लाहौर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सरबजीत कौर ने 4 नवंबर को पाकिस्तान पहुंचने के एक दिन बाद ही शेखूपुरा जिले के निवासी नासिर हुसैन से शादी कर ली थी। शेखूपुरा, लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। निकाह से पहले सरबजीत कौर का नाम बदलकर “नूर” रखा गया।
हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
शादी के बाद कौर और हुसैन ने लाहौर हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके फारूकाबाद स्थित घर पर अवैध छापा मारा और शादी खत्म करने का दबाव बनाया। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति फारूक हैदर ने पुलिस को दंपति को परेशान न करने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट आदेश के बावजूद गिरफ्तारी का आरोप
पंजाब सरकार के एक सूत्र के अनुसार, अदालत के आदेश का पालन करने के बजाय पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया। सरबजीत कौर को दारुल अमान भेज दिया गया, जबकि उनके पति नासिर हुसैन को एक अन्य मामले में पुलिस हिरासत में रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि वे कौर को निर्वासित (डिपोर्ट) करना चाहते हैं, हालांकि वाघा-अटारी सीमा बंद होने के कारण यह संभव नहीं हो सका।
वीजा बढ़ाने और नागरिकता के लिए किया था आवेदन
इससे पहले सामने आए एक वीडियो में सरबजीत कौर ने कहा था कि उन्होंने अपने वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए इस्लामाबाद स्थित भारतीय राजनयिक मिशन से संपर्क किया था और पाकिस्तानी नागरिकता के लिए भी आवेदन दिया था।
उन्होंने कहा, “मैं तलाकशुदा हूं और नासिर हुसैन से शादी करना चाहती थी। मैंने खुशी-खुशी यह शादी की है।”
जासूसी के आरोप भी लगाए गए
लाहौर हाईकोर्ट में दाखिल एक अन्य याचिका में दावा किया गया कि सरबजीत कौर पर “भारतीय जासूस” होने का संदेह है। याचिका में कहा गया कि वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद पाकिस्तान में रहना अवैध है और यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो सकता है।