श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों पर बयान से विवाद, रसोखाना साहिब प्रबंधन ने CM मान पर जताई नाराजगी
नवांशहर/चंडीगढ़। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा दिए गए बयान से देश-विदेश में रहने वाले धन-धन श्री नाभ कंवल राजा साहिब जी के लाखों श्रद्धालुओं में भारी हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री के बयान में कहा गया था कि बंगा के पास एक धार्मिक स्थान से गुरु महाराज जी के 169 पवित्र स्वरूप मिले हैं, जिनमें से 139 का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
इस बयान के बाद पवित्र स्वरूपों के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) मुजारा नौ-आबाद स्थित राजा साहिब जी के स्थान रसोखाना साहिब पहुंचा और विस्तृत जांच की। जांच के उपरांत SIT ने प्रबंधन को विश्वास में लेते हुए स्पष्ट किया कि सभी पवित्र स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित और सही पाए गए हैं।
आज रसोखाना साहिब की प्रबंधन समिति ने इस पूरे मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। प्रबंधन समिति ने कहा कि इस धार्मिक स्थल पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सभी पवित्र स्वरूपों का विवरण समय-समय पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा लिया जाता रहा है। पवित्र स्वरूपों को पूर्ण गुरु मर्यादा के अनुसार स्थापित किया गया है और उनका पूरा रिकॉर्ड प्रबंधन समिति के पास भी सुरक्षित है।
प्रबंधन ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह बयान जनता का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से दिया गया, क्योंकि उसी दिन उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होना था। समिति का कहना है कि लाखों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था इस स्थान से जुड़ी हुई है और संगत मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
इस मामले को लेकर सिख संगत में रोष देखा जा रहा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर जांच पूरी होने के बाद भी बयानबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।