ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता प्रतिष्ठान में उबाल, कट्टर मौलवी ने फांसी की मांग की, ट्रंप का नरम रुख

इंटरनेशनल डेस्क।
ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शनों और उनके खूनी दमन के बाद हालात भले ही फिलहाल असहज शांति की ओर लौटते नजर आ रहे हों, लेकिन इस्लामिक गणराज्य के सत्ता प्रतिष्ठान के भीतर गुस्सा और तनाव अब भी साफ झलक रहा है। इसी कड़ी में एक वरिष्ठ कट्टरपंथी मौलवी ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है और सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धमकी दी है।
मौलवी के इस बयान से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिले हैं। हालांकि, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है। ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को हिरासत में लिए गए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को फांसी न देने के लिए धन्यवाद दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान इस ओर इशारा करता है कि ट्रंप प्रशासन फिलहाल संभावित सैन्य कार्रवाई से पीछे हट सकता है।
आर्थिक संकट से शुरू हुआ विरोध, सत्ता को मिली खुली चुनौती
गौरतलब है कि ईरान में 28 दिसंबर को खराब अर्थव्यवस्था और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे देश की धार्मिक सत्ता और शासन व्यवस्था को खुली चुनौती में बदल गए। सरकार ने इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सख्त कदम उठाए, जिसके बाद हालात हिंसक हो गए।
हजारों मौतों का दावा
अमेरिका स्थित संगठन ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, प्रदर्शन और दमन के दौरान अब तक 3,090 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, ईरान सरकार ने अब तक मृतकों के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, जिससे स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
तेहरान में शांति, लेकिन इंटरनेट बंद
फिलहाल राजधानी तेहरान में प्रदर्शन थम गए हैं, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं माने जा रहे। एहतियात के तौर पर सरकार ने अब भी इंटरनेट सेवाएं बंद कर रखी हैं, जिससे देश के अंदर की वास्तविक स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सड़कों पर विरोध फिलहाल शांत हो गया हो, लेकिन ईरान के भीतर असंतोष की आग अब भी सुलग रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।