पाकिस्तान में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम: संपत्ति विवरण न देने पर 159 सांसद-विधायक निलंबित

पाकिस्तान में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम: संपत्ति विवरण न देने पर 159 सांसद-विधायक निलंबित

pakistan election commission suspends 159 lawmakers over failure to declare

इंटरनेशनल डेस्क।
पाकिस्तान में चुनावी पारदर्शिता को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए देश के शीर्ष चुनाव निकाय पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ECP) ने 159 संघीय और प्रांतीय सांसदों व विधायकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई वार्षिक संपत्तियों और देनदारियों का विवरण तय समय सीमा तक जमा न कराने के कारण की गई है।

निर्वाचन आयोग ने यह कदम 2025 से संबंधित संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने की 15 जनवरी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उठाया। नियमों के मुताबिक, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली, सीनेट और सभी प्रांतीय असेंबलियों के सदस्यों के लिए हर साल अपनी संपत्तियों और देनदारियों का विवरण जमा करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।


विवरण जमा होने तक सदस्यता पर रोक

ईसीपी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि,

“जब तक संबंधित सांसद और विधायक अपनी संपत्तियों एवं देनदारियों का विवरण प्रस्तुत नहीं करते, तब तक वे सदस्य के रूप में कार्य नहीं कर सकेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।”

इससे पहले निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को सभी सांसदों और विधायकों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि यदि वे वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए विवरण 15 जनवरी तक जमा नहीं करते हैं, तो उनकी सदस्यता निलंबित कर दी जाएगी।


कई बड़े नाम भी शामिल

निलंबित किए गए नेताओं में कई प्रमुख चेहरे भी शामिल हैं।

  • शिक्षा मंत्री खालिद मकबूल सिद्दीकी उन 32 नेशनल असेंबली सदस्यों में शामिल हैं जिनकी सदस्यता निलंबित हुई है।

  • वहीं जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मामलों के संघीय मंत्री मुसादिक मलिक उन 9 सांसदों में शामिल हैं जिन्हें निर्वाचन आयोग ने निलंबित किया है।


राजनीतिक हलकों में हलचल

इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई सांसद जल्द ही अपना संपत्ति विवरण जमा कर सदस्यता बहाल कराने की कोशिश करेंगे।

निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और चुनावी सुधारों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ सख्ती बरती जाएगी।