जालंधर: 66 फुट रोड पर चाइनीज डोर से 9½ साल के बच्चे की गर्दन कटी, हालत नाजुक

जालंधर के 66 फुट रोड इलाके में रविवार देर शाम चाइनीज डोर की चपेट में आने से साढ़े नौ वर्षीय बच्चे की गर्दन गंभीर रूप से कट गई। बच्चे का करीब डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन चला, डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली है, लेकिन हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों ने अगले 48 घंटे का ऑब्जर्वेशन बेहद अहम बताया है।
जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब बच्चा अन्य बच्चों के साथ साइकिल चला रहा था। इसी दौरान हवा में लटक रही चाइनीज डोर उसकी गर्दन में फंस गई, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बच्चे को गाड़ी में बैठाया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच सकी।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बच्चे का करीब एक से डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन किया गया। फिलहाल उसे आईसीयू में रखा गया है और हालत क्रिटिकल बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि हालत स्थिर रहती है तो 48 घंटे बाद उसे आईसीयू से शिफ्ट किया जा सकता है।
“चाइनीज डोर तलवार से भी ज्यादा खतरनाक”
बच्चे के पिता गुरु सिमरन संधू ने बताया कि हादसा 66 फुट रोड स्थित इको होम सोसाइटी के पास हुआ। उन्होंने कहा कि चाइनीज डोर तलवार से भी ज्यादा खतरनाक है। उनके बेटे की गर्दन पर ऐसा गहरा जख्म हुआ है, जैसे किसी ने तलवार से वार किया हो।
पुलिस में शिकायत दर्ज
पीड़ित बच्चे के पिता ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवा दी है। उन्होंने मांग की है कि चाइनीज डोर बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ अटेंप्ट टू मर्डर की धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही आरोपियों की तस्वीरें होर्डिंग बोर्ड पर लगाकर शहर में प्रदर्शित करने की भी मांग की, ताकि लोग जागरूक हो सकें।
जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही जालंधर पुलिस ने करीब 50 पेटी चाइनीज डोर बरामद कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था, इसके बावजूद शहर में इसकी खुलेआम बिक्री जारी है। बच्चे के पिता ने कहा कि जैसे ही उनका बेटा स्वस्थ होगा, वे चाइनीज डोर के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे और प्रशासन से मिलकर इसके खतरों को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे।