सुप्रीम कोर्ट की राहत से अकाली दल में उत्साह, अमृतसर में जश्न का माहौल
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद अमृतसर समेत कई इलाकों में अकाली कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर खुशी जताई और एक-दूसरे को मिठाइयां बांटीं।
अकाली दल के नेताओं और समर्थकों का कहना है कि यह फैसला न केवल मजीठिया के लिए राहत है, बल्कि उन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति का सामना कर रहे हैं। पार्टी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “न्याय की जीत” करार दिया।
9 महीने बाद मिली राहत :
गौरतलब है कि सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया पिछले करीब नौ महीनों से जेल में बंद थे। लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस फैसले से अकाली दल को नैतिक मजबूती मिली है।
राजनीतिक बदले की भावना का आरोप:
अकाली नेताओं ने आरोप लगाया कि मजीठिया को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया था। उनका कहना है कि अदालत के इस फैसले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास रखने वालों की जीत होती है।
पंजाब की राजनीति पर पड़ेगा असर:
पार्टी नेताओं का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का पंजाब की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। अकाली दल आने वाले समय में और मजबूती से जनता के मुद्दों को उठाएगा और पंजाब व पंजाबी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
अकाली कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह फैसला पार्टी के लिए संजीवनी साबित होगा और संगठन जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय होकर जनता से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाएगा।