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कपूरथला कंज्यूमर कमीशन का बड़ा फैसला: फ्लाइट में चढ़ने से रोके जाने पर यात्री को मिला रिफंड और 15 हजार मुआवजा

कपूरथला कंज्यूमर कमीशन का बड़ा फैसला: फ्लाइट में चढ़ने से रोके जाने पर यात्री को मिला रिफंड और 15 हजार मुआवजा
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District Consumer Disputes Redressal Commission Kapurthala ने एक अहम फैसले में फगवाड़ा के एक यात्री को बड़ी राहत देते हुए एयरलाइन को पूरा टिकट रिफंड करने और मुआवजा देने का आदेश दिया है। कमीशन ने मामले में सर्विस में कमी मानते हुए Air India Express और Air India Charters Limited को शिकायतकर्ता को टिकट का पूरा पैसा बिना किसी कटौती के वापस करने और 15 हजार रुपये मुआवजा व केस का खर्च देने का निर्देश दिया।

क्या है पूरा मामला

कमीशन में दायर शिकायत के अनुसार फगवाड़ा निवासी राजीव मित्तल ने अपने बेटे सत्यम मित्तल के साथ एक लोकल ट्रैवल एजेंट के जरिए 26 मार्च 2022 के लिए अमृतसर से दुबई जाने के लिए Air India Express की फ्लाइट टिकट बुक करवाई थी। वापसी के लिए उन्होंने पहले से ही IndiGo एयरलाइंस की टिकट भी बुक कर रखी थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पास वैलिड भारतीय पासपोर्ट और वैलिड यूएस वीजा था, जिसके आधार पर वे यूएई के नियमों के अनुसार दुबई जाने के लिए पात्र थे। लेकिन जब वे अपने बेटे के साथ Sri Guru Ram Dass Jee International Airport पहुंचे तो एयरलाइन ने उनके बेटे को बोर्डिंग की अनुमति दे दी, जबकि राजीव मित्तल को बोर्डिंग पास देने से मना कर दिया गया।

एयरलाइन का पक्ष

एयरलाइन ने कमीशन के सामने कहा कि दुबई अथॉरिटी से समय पर जरूरी मंजूरी नहीं मिल पाई थी, इसलिए शिकायतकर्ता को बोर्डिंग पास जारी नहीं किया जा सका। कंपनी के मुताबिक दुबई API सेल से संपर्क कर मंजूरी लेने की कोशिश की गई थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

कमीशन की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान कमीशन ने दोनों पक्षों के दस्तावेज, ईमेल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच की। अपने आदेश में कमीशन ने कहा कि शिकायतकर्ता के पास वैलिड पासपोर्ट और वैलिड यूएस वीजा था और वह दुबई यात्रा के लिए पात्र था।

कमीशन ने यह भी माना कि एयरलाइन यह साबित करने में नाकाम रही कि यात्री को फ्लाइट में चढ़ने से रोकने का कोई वैध और कानूनी आधार था। खास बात यह रही कि शिकायतकर्ता के बेटे को उसी फ्लाइट में यात्रा की अनुमति दी गई, जबकि शिकायतकर्ता को रोक दिया गया, जिससे एयरलाइन का पक्ष कमजोर साबित हुआ।

आदेश में क्या कहा गया

कमीशन ने एयरलाइन की ओर से सर्विस में कमी मानते हुए शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया और आदेश दिया कि:

  • शिकायतकर्ता के टिकट का पूरा पैसा बिना किसी कटौती के लौटाया जाए

  • मानसिक पीड़ा और परेशानियों के लिए 15,000 रुपये मुआवजा दिया जाए

  • मुकदमे का खर्च भी अदा किया जाए

हालांकि कमीशन ने यह स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता अपने बेटे के टिकट के पैसे का रिफंड पाने का हकदार नहीं है, क्योंकि बेटे को यात्रा करने की अनुमति दी गई थी और उसने स्वयं यात्रा नहीं की।

क्यों अहम है फैसला

कंज्यूमर अधिकारों के नजरिए से इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि यदि किसी यात्री के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और फिर भी उसे बिना उचित कारण के बोर्डिंग से रोका जाता है, तो संबंधित सेवा प्रदाता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।