पंजाब में जनगणना की तैयारियां शुरू: 16 नवंबर से भर सकेंगे ऑनलाइन फॉर्म, घर-घर सर्वे और 40 सवालों से जुड़ी पूरी जानकारी
पंजाब में जनगणना के अगले चरण को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत लोग घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे, वहीं इसके बाद सरकारी कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर डेटा जुटाया जाएगा। इस बार की जनगणना में पारंपरिक जानकारी के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता और आधुनिक जरूरतों से जुड़े कई नए सवाल भी शामिल किए गए हैं।
जनगणना का शेड्यूल (महत्वपूर्ण तिथियां)
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16 नवंबर से 30 नवंबर 2026: लोग आधिकारिक पोर्टल के जरिए घर बैठे खुद ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।
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1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027: सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी और डेटा जुटाएंगे।
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5 से 9 जनवरी 2027: इस दौरान छूटे हुए लोगों की जानकारी दर्ज करने और पहले भरे गए आंकड़ों में सुधार (Correction) का चरण निर्धारित किया गया है।
ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया और रेफरेंस नंबर
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आधिकारिक पोर्टल: ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए लोगों को आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा और वहां 'पंजाब' राज्य का चयन करना होगा।
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बेसिक डिटेल्स: इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम, सक्रिय मोबाइल नंबर और घर का पता भरना होगा। मोबाइल पर आने वाले OTP के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी।
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लोकेशन और विवरण: फॉर्म में जिला, गांव/शहर, मोहल्ला, पिन कोड और मकान की लोकेशन दर्ज करनी होगी।
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यूनिक रेफरेंस नंबर: सभी सवालों के जवाब भरकर फॉर्म सबमिट करने के बाद एक यूनिक रेफरेंस नंबर मिलेगा। जब 1 दिसंबर के बाद सत्यापन के लिए कर्मचारी घर पहुंचेंगे, तो आपको यह नंबर दिखाना होगा। (जो लोग ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनकी जानकारी के लिए कर्मचारी 1 दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे।)
इस बार जनगणना में पूछे जाएंगे कुल 40 सवाल
इस बार की जनगणना में परिवार की सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत स्थिति से जुड़े कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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व्यक्ति का नाम, परिवार के सदस्यों के नाम, मुखिया से रिश्ता और लिंग।
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जन्म तिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र और पति/पत्नी का नाम।
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राष्ट्रीयता, धर्म और जाति (SC/ST या अन्य)।
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माता-पिता का नाम, दिव्यांगता से जुड़ी जानकारी और भाषाएं (मातृभाषा व अन्य)।
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डिजिटल साक्षरता और टेक्नोलॉजी: इस बार विशेष रूप से मोबाइल फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल करने की जानकारी भी ली जाएगी।
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शिक्षा का स्तर, रोजगार, कामकाज की कैटेगरी, बिजनेस/सर्विस का प्रकार और कमाने वाले सदस्यों की संख्या।
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ड्राइविंग लाइसेंस, काम करने की जगह और वहां तक आने-जाने का साधन।
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जन्म स्थान, पिछले निवास का स्थान, घर बदलने का कारण और वर्तमान घर में रहने की अवधि।
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बच्चों से जुड़ी जानकारी (कुल जीवित बच्चे और पिछले एक साल में जन्मे बच्चे)।
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बैंक खाते, वित्तीय जानकारी, पहचान पत्र, वोटर आईडी नंबर और पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हों)।
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कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी जानकारी।
प्रशासन के अनुसार, जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान हैं, जिसका उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं के निर्माण और सटीक आंकड़े तैयार करना है।