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Tuesday, 27 October 2026

भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही पंजाब सरकार: मुख्यमंत्री भगवंत मान

भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही पंजाब सरकार: मुख्यमंत्री भगवंत मान

भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही पंजाब सरकार: मुख्यमंत्री भगवंत मान

तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण पर खर्च किए जा रहे हैं 17.72 करोड़ रुपये; सरोवर, साउंड सिस्टम, सराय और प्रकाश व्यवस्था में किया जाएगा सुधार

अमृतसर, 26 अक्टूबर (कंवलजीत सिंह लाडी): महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में शिरकत की और माथा टेककर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की विरासत को संरक्षित करने तथा उनकी समानता, मानवता और धर्म से जुड़ी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026-27 के दौरान भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण पर 17.72 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसका उद्देश्य इस पवित्र स्थल को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

धार्मिक स्थलों का प्रबंधन धार्मिक समुदायों के हाथों में होना चाहिए: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि धार्मिक स्थलों का प्रबंधन राजनीतिक नेताओं के बजाय संबंधित धार्मिक समुदायों, धार्मिक हस्तियों और विद्वानों द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर हर बीज पनप सकता है, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र भूमि पर कभी नहीं उग सकता।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सामाजिक, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को हमेशा समर्थन देती रही है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार करना है।

महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत

राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी संस्कृत साहित्य के महान रचनाकार और आदिकवि के रूप में पूजनीय हैं। उनके द्वारा रचित रामायण हजारों वर्षों से मानवता को सत्य, नैतिकता, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण में वर्णित आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। यह महाकाव्य बुराई पर अच्छाई की जीत, न्याय, समानता और नैतिक आचरण का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं किसी एक समय या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। उनके अनुसार, इन शिक्षाओं को अपनाकर समाज में आपसी सम्मान, सामाजिक न्याय और भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब की धरती महान गुरुओं, संतों, महापुरुषों, पीर-फकीरों और पैगंबरों की विरासत से समृद्ध है। महर्षि वाल्मीकि जी का इस पवित्र भूमि से जुड़ाव पंजाब के लिए गौरव का विषय है।

तीर्थ स्थल के विकास पर 17.72 करोड़ रुपये खर्च होंगे

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर विभिन्न विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए 17.72 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तीर्थ स्थल का विकास केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रति श्रद्धा और उनकी महान शिक्षाओं को संरक्षित करने का प्रयास है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2024 में महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को दर्शाने वाला एक पैनोरमा 25 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया था। इसके अतिरिक्त, तीर्थ स्थल की सुंदरता बढ़ाने के लिए विशेष फसाड लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है, जिससे रात के समय परिसर आकर्षक दिखाई देता है।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में किया जाएगा सुधार

पंजाब सरकार की ओर से तीर्थ स्थल पर कई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • मुख्य मंदिर: मंदिर की इमारत की मरम्मत और सौंदर्यीकरण।

  • साउंड सिस्टम: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए साउंड सिस्टम की स्थापना।

  • सुरक्षा व्यवस्था: परिसर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी।

  • पवित्र सरोवर: सरोवर की सफाई और उससे संबंधित आवश्यक कार्य।

  • सीवरेज व्यवस्था: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करना।

  • आवासीय सुविधाएं: मंदिर और सराय में एयर कंडीशनर लगाने सहित अन्य सुविधाओं में सुधार।

इनमें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और मंदिर एवं सराय में एयर कंडीशनर लगाने से जुड़े कार्यों पर 2.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तीर्थ स्थल के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाती रहेगी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए शेष कार्य भी पूरे करवाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत दर्शन की सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को अमृतसर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के दर्शन करने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सहायता देना है।

उन्होंने कहा कि सरकार पूरे पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

समानता, करुणा और आपसी सम्मान अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और दर्शन से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब लोग उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएंगे और समानता, दया, सदाचार तथा आपसी सम्मान को बढ़ावा देंगे।

उन्होंने कहा कि समाज का निर्माण इस तरह होना चाहिए, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले और आपसी भाईचारे की भावना लगातार मजबूत होती रहे।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के विकास, धार्मिक विरासत के संरक्षण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।