Saturday, 07 November 2026
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जालंधर की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे बिल्डिंग मैटेरियल से भरे वाहन! बिना नंबर प्लेट, बिना लाइसेंस और ओवरलोडिंग पर प्रशासन की चुप्पी क्यों?
जालंधर की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे बिल्डिंग मैटेरियल से भरे वाहन! बिना नंबर प्लेट, बिना लाइसेंस और ओवरलोडिंग पर प्रशासन की चुप्पी क्यों?
जालंधर: शहर की सड़कों, तंग गलियों और रिहायशी मोहल्लों में बिल्डिंग मैटेरियल की ढुलाई करने वाले वाहन आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। रेत, बजरी, मिट्टी, ईंटों और सरिए से लदे कई वाहनों के नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप हैं कि कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट, जरूरी दस्तावेजों और सुरक्षा इंतजामों के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वहीं, कुछ चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने की भी शिकायतें हैं।
शहर में बिल्डिंग मैटेरियल का कारोबार करने वाले कई दुकानदार सप्लाई के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, टेम्पो और अन्य छोटे-बड़े वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें से कुछ वाहनों पर क्षमता से अधिक सामान लादकर मुख्य सड़कों के अलावा संकरी गलियों और रिहायशी क्षेत्रों में भी भेजा जाता है। इससे राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरिया ढोने वाले वाहन सबसे ज्यादा खतरनाक
सबसे चिंताजनक स्थिति सरिया और लोहे की छड़ों की ढुलाई करने वाले वाहनों की है। कई बार लंबे सरिए वाहन के पिछले हिस्से से काफी दूर तक बाहर निकले होते हैं। ऐसे में यदि पीछे लाल कपड़ा, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हों तो रात या कम रोशनी में पीछे से आने वाले वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
रेहड़ियों और रिक्शों पर भी भारी सामान की ढुलाई
कुछ कारोबारी भारी बिल्डिंग मैटेरियल की सप्लाई के लिए रेहड़ियों और रिक्शों का भी इस्तेमाल करते हैं। इन पर क्षमता से अधिक सामान लादकर व्यस्त सड़कों पर भेजना यातायात व्यवस्था के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन सकता है।
ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए। लोगों का सवाल है कि जब आम वाहन चालकों के छोटे-मोटे यातायात उल्लंघनों पर चालान किए जाते हैं, तो बिना नंबर प्लेट, बिना वैध दस्तावेजों और असुरक्षित तरीके से सामान ढोने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान क्यों नहीं चलाया जाता?
प्रशासन से विशेष जांच अभियान चलाने की मांग
शहरवासियों ने जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग से मांग की है कि:
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बिल्डिंग मैटेरियल ढोने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाए।
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चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस की जांच हो।
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ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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सरिया और लोहे की ढुलाई में निर्धारित सुरक्षा नियमों, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतों का पालन करवाया जाए।
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बिना फिटनेस और अन्य अनिवार्य प्रमाणपत्रों के चल रहे वाहनों की जांच की जाए।
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रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में असुरक्षित ढुलाई पर प्रभावी निगरानी रखी जाए।
बड़ा सवाल: क्या जालंधर प्रशासन किसी बड़े सड़क हादसे का इंतजार कर रहा है या फिर आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय रहते इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
सड़कें केवल व्यापारिक गतिविधियों के लिए नहीं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षित आवाजाही के लिए भी हैं। इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
Mera Bharat News | जालंधर
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