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Sunday, 15 March 2026

पेंट फैक्ट्री मालिक पर अवैध निर्माण का आरोप, घासमंडी से नखों वाले बाग रोड पर फिर खड़ी हो रहीं चार दुकानें

पेंट फैक्ट्री मालिक पर अवैध निर्माण का आरोप, घासमंडी से नखों वाले बाग रोड पर फिर खड़ी हो रहीं चार दुकानें

📌 पेंट फैक्ट्री मालिक पर अवैध निर्माण का आरोप, घासमंडी से नखों वाले बाग रोड पर फिर खड़ी हो रहीं चार दुकानें

 

📌 पहले भी 10–15 दुकानों का अवैध निर्माण करने के आरोप, एनओसी के नाम पर नए निर्माण पर उठे सवाल

 

जालंधर: शहर में अवैध निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। घासमंडी चौराहे से नखों वाले बाग जाने वाले मार्ग पर बन रही चार नई दुकानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला एक पेंट फैक्ट्री के मालिक से जुड़ा हुआ है, जिस पर नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कराने के आरोप लग रहे हैं।

 

स्थानीय सूत्रों के अनुसार संबंधित फैक्ट्री मालिक पहले भी इसी इलाके में करीब 10 से 15 दुकानों का अवैध निर्माण करवा चुका है। अब एक बार फिर उसी क्षेत्र में चार नई दुकानों के निर्माण को लेकर लोगों में नाराज़गी देखी जा रही है।

 

मामले में यह भी चर्चा है कि दुकानों को वैध दिखाने के लिए एनओसी और नक्शा पास कराने का सहारा लिया जा रहा है। इस दौरान कुछ लोगों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनमें सोनू बंडारी और मोहित समेत अन्य व्यक्तियों का जिक्र किया जा रहा है।

 

इलाके के लोगों का कहना है कि अगर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए तो अवैध निर्माण और कथित मिलीभगत से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि जब पहले भी इसी व्यक्ति पर अवैध निर्माण के आरोप लग चुके हैं तो नगर निगम की ओर से सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

 

अब देखना यह होगा कि नगर निगम जालंधर इस मामले में क्या कदम उठाता है या फिर शहर में अवैध निर्माण का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। 📰🔥

 

चार दुकानों के निर्माण को लेकर विवाद, कई लोगों के नाम आने से मचा हड़कंप

 फैक्ट्री मालिक से हमारी टीम ने बात की तो उन्होंने इस मामले में किसी मेजर सिंह के भतीजे और एटीपी सोनू भंडारी, मोहित परमजीत समेत कई अन्य लोगों के नाम लिए नाम सामने आने की चर्चा है। इन नामों के सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब हमारी टीम ने नगर निगम में जांच पड़ताल की तो पता चला कि कोई भी सोनू भंडारी नाम का एटीपी निगम में तैनात नहीं है