पंजाब डेस्कः जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर हुए IED धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। ब्लास्ट से कुछ सेकेंड पहले CCTV फुटेज में एक्टिवा के पास से गुजरता दिखाई देने वाला युवक कोई संदिग्ध नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कर्मचारी निकला। जांच के दौरान पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है।
जानकारी के मुताबिक उक्त पुलिसकर्मी पास में लगे नाके पर तैनात था और ड्यूटी खत्म होने से पहले ही बाइक लेकर घर के लिए रवाना हो गया था। हालांकि इस मामले में लापरवाही बरतने को लेकर अधिकारियों ने उसे फटकार लगाई है।
पिता का फोन बना जीवन रक्षक
वहीं धमाके में जली स्कूटी के मालिक गुरप्रीत उर्फ कृष को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है। गुरप्रीत फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता है। उसने बताया कि बुधवार रात करीब 8 बजे वह बीएसएफ गेट के पास एक रिटर्न पार्सल लेने पहुंचा था।
गुरप्रीत के अनुसार वह ग्राहक से बात कर ही रहा था कि तभी उसके पिता का फोन आ गया। फोन सुनने के लिए वह स्कूटी से कुछ कदम दूर चला गया और उसी दौरान जोरदार धमाका हो गया।
उसने कहा कि अगर उस समय पिता का फोन न आता तो शायद आज वह जिंदा नहीं होता। धमाका इतना भयानक था कि उसकी स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई और उसके टुकड़े दूर-दूर तक जा गिरे।
धमाके के बाद 15 मिनट तक नहीं सुनाई दिया
गुरप्रीत ने बताया कि धमाके के बाद करीब 10 से 15 मिनट तक उसे कुछ सुनाई नहीं दिया। अभी भी उसे एक कान से कम सुनाई दे रहा है और टांग में दर्द बना हुआ है।
धमाके के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। गुरप्रीत ने जालंधर पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि अधिकारियों ने उसके साथ अच्छा व्यवहार किया।
उसने बताया कि उसके पिता बीएसएफ से रिटायर्ड हैं, मां दिल की मरीज हैं और घर की जिम्मेदारी उसी पर है। धमाके में उसकी स्कूटी पूरी तरह तबाह हो गई है। गुरप्रीत ने सरकार से नौकरी और मुआवजे की मांग की है।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा की जा रही है।