- विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की
- पंजाब सरकार द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की प्रतिबद्धता दोहराई
जालंधर, 8 मई : राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने आज काला संघियां और जमशेर ड्रेन को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ ठोस नीति अपनाने पर जोर दिया।
ड्रेनों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों संबंधी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने नगर निगम जालंधर, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रेनों में गंदे पानी और कचरे के सीधे प्रवाह को रोकने के लिए बेहतर तालमेल के साथ कार्य किया जाए, ताकि इन प्राकृतिक स्रोतों को प्रदूषण मुक्त कर इनमें साफ पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि भी उपस्थित थे।
संत सीचेवाल ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रेनों को प्रदूषित करते पाए जाने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से एसटीपी की नियमित जांच और सैंपलिंग की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों के संचालन पर कड़ी नजर रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि संचालन के दौरान पर्यावरण नियमों का पूरी तरह पालन हो।
राज्यसभा सांसद ने काला संघियां ड्रेन में साफ पानी छोड़े जाने के कार्य का भी जायजा लिया और निर्माण कार्यों के कारण रुके पानी को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जमशेर स्थित सीबीजी प्लांट और वरियाणा स्थित बायो-माइनिंग प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने जालंधर नगर निगम को गाइडलाइंस के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, क्योंकि अधिक पानी की सप्लाई एसटीपी और ड्रेन व्यवस्था के संचालन में बाधा पैदा कर सकती है।
मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि आम लोगों को भी बड़े स्तर पर जागरूक किया जाए ताकि उनके सहयोग से इस प्राकृतिक धरोहर की उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
संत सीचेवाल ने ड्रेनों और चिट्टी बेईं की सफाई के साथ-साथ बरसात के मौसम से पहले गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल के नीचे से मिट्टी हटाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। उन्होंने नेशनल हाईवे कालिया कॉलोनी के पास पुलिया की स्थायी समस्या के समाधान तक ड्रेन के किनारों को ऊंचा करने के निर्देश भी दिए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को जल निकासी की समस्या का सामना न करना पड़े।
डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने भरोसा दिलाया कि ड्रेनों को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि सख्त निगरानी के साथ-साथ प्राकृतिक स्रोतों को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विभागों को ड्रेनों को प्रदूषित होने से रोकने के लिए आपसी तालमेल वाली कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए और कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर निगम कमिश्नर ने जानकारी दी कि वरियाणा में 8 लाख मीट्रिक टन कचरे के निपटारे का कार्य चल रहा है और इसकी गति दोगुनी करने के लिए जल्द ही अतिरिक्त मशीनरी लगाई जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) दिव्या पी., सभी एसडीएम, ड्रेनेज विभाग, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, सीवरेज बोर्ड तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।