जालंधर के लतीफपुरा में अवैध कब्जे हटाने पहुंचा प्रशासन, इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
जालंधर:
जालंधर से बड़ी खबर सामने आ रही है। शहर के लतीफपुरा इलाके में मंगलवार सुबह नगर निगम और जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में यह स्पष्ट आश्वासन दिया था कि 9 फरवरी से पहले लतीफपुरा इलाके से सभी अवैध कब्जे हटा दिए जाएंगे। इसी आश्वासन के तहत आज प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। तीन साल बाद एक बार फिर लतीफपुरा का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी
29 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर, जालंधर को आदेश दिए थे कि लतीफपुरा की सड़कों से एक माह के भीतर सभी अवैध कब्जे हटाकर यातायात बहाल किया जाए। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बावजूद इन आदेशों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अवमानना याचिका के बाद तेज हुई कार्रवाई
हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना को लेकर याचिकाकर्ता सोहन सिंह और रबिंदर सिंह ने अपने वकील एडवोकेट रणजीत सिंह बजाज और एडवोकेट सिदकजीत सिंह बजाज के माध्यम से पहले प्रशासन को कानूनी नोटिस भेजा और बाद में अवमानना याचिका दायर की। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
120 फुट चौड़ी सड़क बनी परेशानी का कारण
वर्तमान स्थिति यह है कि लतीफपुरा की 120 फुट चौड़ी मुख्य सड़क अवैध कब्जों के कारण पूरी तरह बंद पड़ी है। वर्ष 2022 में हुए तोड़फोड़ अभियान के बाद न तो मलबा हटाया गया और न ही सड़क का निर्माण किया गया। इसके बाद विस्थापित लोगों ने अस्थायी झोंपड़ियां बनाकर दोबारा रास्ता घेर लिया।
आम जनता को हो रही भारी परेशानी
सड़क बंद होने के कारण स्कूली बसों, एंबुलेंसों और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार आपातकालीन वाहनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे जान का खतरा भी बना रहता है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
फिलहाल मौके पर नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पूरी सख्ती से पालन किया जाएगा और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।