# भाजपा को दिया हर वोट महंगे पेट्रोल-डीजल के समर्थन में वोट: हरपाल सिंह चीमा
**चंडीगढ़ / अमृतसर / जालंधर, 25 मई:**
Harpal Singh Cheema समेत Aam Aadmi Party के वरिष्ठ नेताओं ने पेट्रोल और डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दस दिनों में पेट्रोल और डीज़ल लगभग ₹8 प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं, जिससे किसानों, ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों और मध्य वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि 15 मई से 25 मई के बीच पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी की गई, जिसने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
चीमा ने कहा कि धान की बुआई के मौसम से पहले डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी किसानों के लिए गंभीर संकट पैदा करेगी, क्योंकि खेती और ट्रैक्टर संचालन पूरी तरह डीज़ल पर निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है।
उन्होंने कहा कि यह संकट केवल पेट्रोल-डीज़ल तक सीमित नहीं है, बल्कि कमर्शियल एलपीजी और एविएशन फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट, व्यापार और रोजमर्रा की सेवाएं भी महंगी हो रही हैं।
Kuldeep Singh Dhaliwal ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक और व्यापारिक नीतियां किसानों और आम लोगों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर खेती की लागत, सब्जियों और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर साफ दिखाई देगा।
वहीं Baltej Pannu ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि बढ़ती महंगाई के बीच वे किस उपलब्धि के आधार पर नगर निगम चुनावों में जनता से वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता भाजपा की नीतियों को समझ चुकी है और चुनावों में इसका जवाब देगी।
Pawan Kumar Tinu ने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी तो पेट्रोल-डीज़ल की मामूली बढ़ोतरी पर भी प्रदर्शन करती थी, लेकिन अब लगातार कीमतें बढ़ने के बावजूद भाजपा नेताओं की चुप्पी हैरान करने वाली है। उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्य वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।
आप नेताओं ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों को नियंत्रित करने और किसानों, मजदूरों, व्यापारियों तथा आम जनता को राहत देने की मांग की।