जालंधर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सांसद व पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा निशाना साधा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला भाजपा अध्यक्ष सुशील शर्मा ने की, जबकि कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
“AAP का अस्तित्व खतरे में”
श्वेत मलिक ने आरोप लगाया कि पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार और अरविंद केजरीवाल की “तानाशाही कार्यशैली” के चलते AAP का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें “गद्दार” कहने पर केजरीवाल को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
मलिक ने कटाक्ष करते हुए कहा—
“जब डूबेगी कश्ती तो डूबेंगे सारे, ना केजरीवाल बचेंगे ना साथी तुम्हारे।”
“भ्रष्टाचार के कारण पार्टी छोड़ रहे नेता”
उन्होंने दावा किया कि AAP के भीतर भारी असंतोष है और कई नेता भ्रष्टाचार तथा आंतरिक लोकतंत्र की कमी के चलते पार्टी छोड़ रहे हैं। मलिक ने कहा कि यह स्थिति “भारी टूट” का संकेत देती है।
उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से बनी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है।
“आलाकमान संस्कृति का आरोप”
मलिक ने आरोप लगाया कि AAP में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है और पार्टी “आलाकमान संस्कृति” तक सीमित हो गई है। उनके अनुसार, कई नेता खुद को असहज महसूस कर रहे हैं और अन्य विकल्प तलाश रहे हैं।
भाजपा का रुख
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा उन सभी नेताओं का स्वागत करती है, जो पारदर्शिता, सुशासन और राष्ट्रहित में काम करना चाहते हैं।
👉 यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब की राजनीति में दल-बदल और आंतरिक खींचतान को लेकर चर्चाएं तेज हैं।