जालंधर, 4 अप्रैल : पंजाब के खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में आने वाले गेहूं के खरीद सीजन के दौरान मंडियों में लाई गई फसल के एक-एक दाने की खरीद के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सीजन के दौरान 8 लाख से अधिक किसानों की सुविधा के लिए पहले ही व्यापक तैयारियां कर ली है।
कैबिनेट मंत्री जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, शहीद भगत सिंह नगर, रूपनगर और लुधियाना जिलों के सीनियर अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और लेबर ठेकेदारों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब में इस साल गेहूं की बंपर फसल होने की उम्मीद है और 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे सीजन के दौरान सुचारू खरीद कार्यों के लिए गेहूं की खरीद हेतु 30,973 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट पहले ही प्राप्त कर ली है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि उपज के उचित प्रबंधन के लिए जरूरी बोरियों के साथ-साथ जरूरी भंडारण स्थान और क्रेटों का प्रबंध किया गया है।
उन्होंने कहा कि फसल की भारी आमद के मद्देनजर पंजाब सरकार द्वारा पूरे राज्य में 1,897 खरीद केंद्र (मंडियां) स्थापित किए गए हैं, जहां किसान अपनी गेहूं की बिक्री कर सकते है। बंपर फसल को ध्यान में रखते हुए कई अस्थायी खरीद केंद्र भी स्थापित किए गए है। श्री कटारूचक्क ने किसानों को भरोसा दिलाया कि फसल की खरीद के 24 घंटों के अंदर उन्हें अदायगी प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने 122 लाख मीट्रिक टन के अनुमानित खरीद लक्ष्य के मुकाबले 132 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आमद को संभालने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए है, जिससे पूरे सीजन के दौरान जरूरी अतिरिक्त क्षमता और सुचारू खरीद कार्य सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा खरीद में लगे मजदूरों के लिए मजदूरी दरों में वृद्धि की गई है। इसी तरह, यह सुनिश्चित बनाने के लिए कि किसानों को कोई मुश्किल पेश न आए, 51 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की फसल को खुले प्लिंथों में रखने के लिए प्रबंध पहले ही किए जा चुके है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा गेहूं की फसल के लिए जरूरी जगह सुनिश्चित बनाने के लिए अप्रैल में 409 स्पेशल और मई में 449 स्पेशल के लिए मांग की गई है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान अदायगी, लिफ्टिंग और बोरियों से संबंधित मुद्दे किसानों की मुख्य चिंताएं थी, जिस कारण अक्सर उन्हें कई दिनों तक मंडियों में रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान इन मुद्दों को हल किया है और यह सुनिश्चित किया है कि बोरियों की कोई कमी न रहे। इसी तरह, लिफ्टिंग और समय पर अदायगियों से संबंधित लंबे समय से लटक रहे मुद्दे भी हल कर दिए गए है।
कैबिनेट मंत्री ने किसानों द्वारा लाई गई फसल के दाने-दाने को खरीदने की पंजाब सरकार की वचनबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गेहूं और धान की खरीद कार्यों को सुचारू बनाने के लिए पिछले चार सालों के दौरान सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
समीक्षा बैठक के दौरान श्री कटारूचक्क ने किसानों के लिए मंडियों में सफाई, पीने के पानी की उपलब्धता, रोशनी के प्रबंध और शेडों समेत अन्य सुविधाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खरीद सीजन के दौरान अपनी संबंधित मंडियों में मौजूद रहे ताकि किसानों को किसी मुश्किल का सामना न करना पड़े।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार है और इतने बड़े पैमाने पर खरीद कार्य को उचित ढंग से चलाने की राज्य की योग्यता पर गर्व व्यक्त किया।