रूस के सेंट पीटर्सबर्ग से कुदरत का एक ऐसा दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आधुनिक चिकित्सा जगत को भी हैरान कर दिया है। यहां एक महिला ने एक साथ चार ऐसी बेटियों को जन्म दिया है, जो दिखने में बिल्कुल एक जैसी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सांख्यिकीय तौर पर ऐसी घटना करीब 1.55 करोड़ गर्भधारण में से सिर्फ एक बार होती है, जो इसे बेहद असाधारण बनाती है।
क्या है ‘मोनोकोरियोनिक’ चमत्कार?
चिकित्सा विज्ञान में इस दुर्लभ स्थिति को Monochorionic pregnancy कहा जाता है। आमतौर पर जुड़वां या एक से अधिक बच्चों के मामले में हर भ्रूण की अलग गर्भनाल (प्लेसेंटा) होती है, लेकिन इस केस में चारों बच्चियां एक ही गर्भनाल से जुड़ी हुई थीं।
यह स्थिति तब बनती है जब एक ही निषेचित अंडा (fertilized egg) कई बार विभाजित हो जाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका कोई निश्चित आनुवंशिक कारण नहीं होता, बल्कि यह पूरी तरह प्रकृति का एक दुर्लभ संयोग है।
डॉक्टरों की टीम और सफल ऑपरेशन
इस जटिल और जोखिम भरी डिलीवरी के लिए अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की बड़ी टीम तैनात की गई थी। चारों नवजात बच्चियों का वजन 1,360 ग्राम से 1,640 ग्राम के बीच और लंबाई 37 से 41 सेंटीमीटर के बीच दर्ज की गई है।
एक ही गर्भनाल होने के कारण बच्चों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन डॉक्टरों ने इसे सफलतापूर्वक संभाल लिया। फिलहाल मां और चारों बच्चियां पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही हैं।
दुनिया में बेहद दुर्लभ—सिर्फ 15 मामले दर्ज
चिकित्सा इतिहास पर नजर डालें तो अब तक दुनिया भर में ऐसे केवल 15 मामले ही सामने आए हैं, जिनमें एक जैसे चार बच्चे (Identical Quadruplets) पैदा हुए हों।
सोशल मीडिया पर ‘चमत्कारों का चमत्कार’
इस अनोखी घटना को सोशल मीडिया पर “चमत्कारों का चमत्कार” कहा जा रहा है। इतनी कम संभावना के बावजूद चारों बच्चियों का सुरक्षित जन्म न केवल परिवार के लिए खुशी की बात है, बल्कि मेडिकल रिसर्च के लिए भी एक नया विषय बन गया है।