SCO शिखर सम्मेलन में भारत की ताकत की चर्चा, लुकाशेंको ने भारत-रूस-चीन को बताया दुनिया की प्रमुख शक्तियां
बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका चर्चा के केंद्र में रही। सम्मेलन को संबोधित करते हुए बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने भारत को दुनिया की प्रमुख शक्तियों में शामिल बताते हुए भारत, रूस और चीन को वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली तीन प्रमुख शक्तियां करार दिया।
लुकाशेंको ने कहा कि भले ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सभी देशों को समान दर्जा प्राप्त हो, लेकिन वास्तविकता यह है कि दुनिया की दिशा तय करने में कुछ शक्तियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत, रूस और चीन की आर्थिक क्षमता तथा परमाणु शक्ति का उल्लेख किया। उनके इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत के बढ़ते प्रभाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बिश्केक घोषणा-पत्र में आतंकवाद पर सख्त रुख
SCO सम्मेलन के समापन पर सदस्य देशों ने संयुक्त रूप से ‘बिश्केक घोषणा-पत्र’ जारी किया। इसमें आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं करने की बात कही गई। सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
घोषणा-पत्र में इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकवादी विचारधारा तथा चरमपंथ के प्रसार को रोकने के लिए सूचना सुरक्षा और आपसी समन्वय मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता
सम्मेलन में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता जताई गई। संयुक्त बयान में क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर सदस्य देशों ने अपनी चिंता व्यक्त की और संबंधित पक्षों से तनाव कम करने तथा बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने का आह्वान किया।
आतंकवाद को लेकर पीएम मोदी का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता और आतंकवाद को राज्य की नीति के तौर पर इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में पीएम मोदी का यह संदेश भारत की आतंकवाद विरोधी नीति के अनुरूप माना गया।
13 महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन के दौरान सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सदस्य देशों ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने, आपसी सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने से संबंधित कुल 13 प्रमुख फैसलों को मंजूरी दी।
भारत ने SCO के मंच पर आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग, क्षेत्रीय संपर्क और सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को लगातार प्राथमिकता दी है। सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी ने यूरेशियाई क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को भी रेखांकित किया।
अगला SCO शिखर सम्मेलन 2027 में पाकिस्तान में आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है।