द हंड्रेड लीग में बिके पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद, सनराइजर्स लीड्स ने 2.34 करोड़ में खरीदा; काव्या मारन पर सोशल मीडिया में विवाद
स्पोर्ट्स डेस्क: इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड की नीलामी में पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को भारतीय मालिकाना हक वाली टीम सनराइजर्स लीड्स ने 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में खरीद लिया। टीम की सीईओ काव्या मारन ने खुद बोली लगाकर उन्हें टीम में शामिल किया।
इस खरीद के साथ ही अबरार अहमद 21 जुलाई से शुरू होने वाली द हंड्रेड लीग में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर काव्या मारन की आलोचना भी हो रही है।
दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के चलते इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजियों ने 2009 के बाद से किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन नहीं किया है।
सन ग्रुप की नई फ्रेंचाइजी
चेन्नई स्थित मीडिया कंपनी सन ग्रुप ने पिछले साल इंग्लैंड की टीम नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स में पहले 49% हिस्सेदारी इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड से और बाकी 51% यॉर्कशायर काउंटी क्लब से करीब 10 करोड़ पाउंड में खरीदी थी। इसके बाद टीम का नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स रखा गया।
सन ग्रुप सनराइजर्स हैदराबाद (IPL) और सनराइजर्स ईस्टर्न केप (SA20) का भी मालिक है, हालांकि इन टीमों में अभी तक कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेलता।
उस्मान तारिक भी बिके
नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी उस्मान तारिक रहे, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1.40 लाख पाउंड (करीब 1.72 करोड़ रुपये) में खरीदा। वहीं पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और ऑलराउंडर सैम अयूब नीलामी में अनसोल्ड रहे।
मुस्तफिजुर रहमान को लेकर भी हुआ था विवाद
इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। बाद में विवाद बढ़ने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के निर्देश पर उन्हें टीम से रिलीज कर दिया गया था।
इसके बाद बांग्लादेश में IPL प्रसारण को लेकर भी विवाद हुआ था और मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हलकों में चर्चा का विषय बन गया था।