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आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’, 120 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’, 120 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
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आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’, 120 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

IMD ने जारी किया अलर्ट, दक्षिण आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी; NDRF की 6 और SDRF की 7 टीमें तैनात

अमरावती: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।

IMD के बुलेटिन के मुताबिक, 2 नवंबर को तड़के 2:30 बजे चक्रवाती तूफान पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। पिछले छह घंटों में यह लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा।

उस समय तूफान चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 290 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम से 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से करीब 470 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।

मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के गंभीर चक्रवाती स्वरूप में ओंगोल के आसपास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है।

कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक एवं रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) केंद्र के CEO प्रखर जैन के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तथा रायलसीमा के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

सोमवार को कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम, मरकापुरम और नेल्लोर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है।

इसके अलावा एलुरु, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एनटीआर, पलनाडु, तिरुपति और चित्तूर जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अनुमान है। अल्लूरी, पोलावरम, काकीनाडा और कोनासीमा के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं नंदयाल, वाईएसआर कडप्पा और अन्नामय्या जिलों में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

राहत और बचाव के लिए NDRF-SDRF की टीमें तैनात

चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत एवं बचाव तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 6 टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की 7 टीमें पहले ही तैनात कर दी गई हैं।

प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।

अब प्रशासन की प्राथमिकता तटीय इलाकों में जनजीवन और संपत्ति को संभावित नुकसान से बचाना तथा राहत एवं बचाव व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना है।