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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पिता भीम सिंह ने शुरू की भूख हड़ताल, बोले- SSP के तबादले और विभागीय कार्रवाई तक नहीं खाऊंगा खाना

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पिता भीम सिंह ने शुरू की भूख हड़ताल, बोले- SSP के तबादले और विभागीय कार्रवाई तक नहीं खाऊंगा खाना
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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पिता भीम सिंह ने शुरू की भूख हड़ताल, बोले- SSP के तबादले और विभागीय कार्रवाई तक नहीं खाऊंगा खाना

पंजाब डेस्क: मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। झोटा के पिता भीम सिंह ने भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा है कि जब तक मानसा के एसएसपी का तबादला नहीं होता और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वह खाना नहीं खाएंगे।

चंडीगढ़ में परविंदर सिंह झोटा के पोस्टमार्टम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए भीम सिंह ने कहा कि उन्होंने आज से भोजन छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा।

2 करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी लेने से भी किया इनकार

पंजाब सरकार की ओर से झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को सरकारी नौकरी और परिवार को 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने के आश्वासन पर भी भीम सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि उन्हें न तो सरकार से पैसे चाहिए और न ही अपनी बहू के लिए सरकारी नौकरी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहे तो परिवार को दी गई सुरक्षा वापस ले सकती है, लेकिन जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वह पीछे नहीं हटेंगे।

24 दिन बाद PGI चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम

जानकारी के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा का शव 24 दिन बाद 6 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित PGI लाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी।

गुरुवार रात करीब 12 बजे मानसा सिविल अस्पताल की मोर्चरी से उनका शव एंबुलेंस के जरिए चंडीगढ़ रवाना किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने वाहेगुरु का जाप करते हुए शव को मोर्चरी से बाहर निकाला।

शव को आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस में ले जाया गया, जिसमें ICU, वेंटिलेटर और फ्रीजर की व्यवस्था थी।

सरकार और परिवार के बीच हुआ था समझौता

पोस्टमार्टम करवाने के फैसले से पहले परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह और इंसाफ कमेटी की सरकार के साथ बातचीत हुई थी। इस दौरान सरकार की ओर से झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को सरकारी नौकरी देने और परिवार को 2 करोड़ रुपये मुआवजा देने का भरोसा दिया गया था।

हालांकि, अब भीम सिंह ने इन सुविधाओं को स्वीकार करने से इनकार करते हुए अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पंजाब सरकार मानसा के एसएसपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और तबादले की मांग पर कोई फैसला लेगी?

Mera Bharat News | पंजाब डेस्क