हनुमान जी के भेष वाली वायरल वीडियो पर भाजपा को ‘आप’ का घेराव, केजरीवाल ने मांगी माफी
लखनऊ की एक वायरल वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भाजपा पर साधा निशाना, धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगाया आरोप
नई दिल्ली, 6 जुलाई। आम आदमी पार्टी (आप) ने लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के काफिले से जुड़ी एक वायरल वीडियो को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने वीडियो को लेकर भाजपा से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदू धर्म का जितना नुकसान और अपमान किया है, उतना किसी और ने नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी विचारधारा भगवान राम और हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और आस्था की है तथा वे उन्हें पूरी श्रद्धा से पूजते हैं। वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग भगवान के नाम का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ और सत्ता प्राप्ति के लिए करते हैं।
केजरीवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सवाल करते हुए कहा कि उन्हें इस घटना पर पूरे हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो में भगवान हनुमान के भेष में एक व्यक्ति भाजपा का झंडा लेकर काफिले के आगे नृत्य करता दिखाई दे रहा है, जो धार्मिक आस्था का अपमान है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो भाजपा “हिंदू धर्म” की जगह “भाजपा धर्म” लागू करने की कोशिश करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग कर रही है।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस घटना से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भाजपा और नितिन नवीन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि हनुमान मंदिर जाकर क्षमा याचना की जानी चाहिए।
वहीं दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी वीडियो को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि क्या वे भगवान हनुमान के कथित अपमान पर बोलने को तैयार हैं।
भाजपा की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।