अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान सहित कई खाड़ी देशों पर किए जा रहे मिसाइल हमलों के बाद पैदा हुए अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। देश भर में एल.पी.जी. गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बिक्री पर लगाई गई रोक के कारण पंजाब में होटल उद्योग, ढाबे, मैरिज पैलेस और कैटरिंग कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
कैटरिंग के नए ऑर्डर लेने से इनकार
पंजाब केसरी के सर्वे के मुताबिक कई होटल, मैरिज पैलेस और हलवाई अब विवाह-शादियों व अन्य समारोहों के लिए कैटरिंग के नए ऑर्डर लेने से साफ मना कर रहे हैं।
सलेम टाबरी क्षेत्र के चांदनी चौक के पास स्थित जग्गू ढाबा और प्रसिद्ध कैटरर जग्गू चोपड़ा ने बताया कि पहले से बुक हुए कार्यक्रमों को ही किसी तरह पूरा किया जा रहा है। बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं और 1850 रुपये का सिलेंडर ब्लैक में 3500 रुपये तक बेचा जा रहा है। ऐसी स्थिति में नए ऑर्डर लेना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पुराने ऑर्डर पूरे करने के लिए डीजल की भट्टी का सहारा लिया जा रहा है ताकि ग्राहकों को नाराज न करना पड़े, लेकिन नए समारोहों के लिए ऑर्डर लेने से परहेज किया जा रहा है।
डीजल भट्टी और इंडक्शन चूल्हों के दाम भी बढ़े
जग्गू चोपड़ा के अनुसार, बाजार में सामान्यतः 5500 रुपये में मिलने वाली डीजल भट्टी अब करीब 9000 रुपये में बिक रही है, जो छोटे हलवाइयों के लिए खरीदना मुश्किल है। वहीं डीजल से खाना बनाना भी महंगा पड़ रहा है।
दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के चलते लोग इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसका फायदा उठाकर दुकानदारों ने इनके दाम भी बढ़ा दिए हैं। आमतौर पर 2500 रुपये में मिलने वाला अच्छा इंडक्शन चूल्हा अब 4000 रुपये से ज्यादा में बेचा जा रहा है।
कालाबाजारी के आरोप
घुमार मंडी, मीना बाजार, बिजली मार्केट और जवाहर नगर कैंप सहित कई बाजारों में खरीदारी कर रहे लोगों का कहना है कि गैस की कमी का फायदा उठाकर दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 का उल्लंघन है और जिला प्रशासन को कालाबाजारी व मुनाफाखोरी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।