जालंधर के करतारपुर में सेंट थॉमस स्कूल विवाद: मासूम की पिटाई के बाद अभिभावकों से मारपीट, वीडियो वायरल
15 दिन तक टालमटोल के बाद स्कूल प्रबंधन पर भड़के परिजन, शिकायत करने पहुंचे तो धमकियां और थप्पड़; शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जालंधर/करतारपुर:
जालंधर के करतारपुर स्थित सेंट थॉमस स्कूल में हुई एक शर्मनाक घटना ने एक बार फिर निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पहली कक्षा में पढ़ने वाले एक मासूम छात्र की कथित तौर पर स्कूल के अध्यापक द्वारा बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है।
परिजनों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले बच्चे को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वह मानसिक रूप से भी डर गया। जब परिवार ने इस पर आपत्ति जताई, तो स्कूल प्रशासन ने मामले को दबाने के लिए समय मांग लिया।
लेकिन जब 15 दिन बाद परिजन दोबारा जवाब लेने स्कूल पहुंचे, तो मामला और भड़क गया। आरोप है कि स्कूल अधिकारियों ने न केवल अभिभावकों के साथ बदसलूकी की, बल्कि उन्हें थप्पड़ मारे और जान से मारने तक की धमकी दी।
इस पूरी घटना का वीडियो परिजनों ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जनता में रोष, प्रशासन पर सवाल:
घटना के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर स्कूलों में ही बच्चों की सुरक्षा खतरे में है, तो अभिभावक अपने बच्चों को कहां सुरक्षित समझें।
मांग उठी—सख्त कार्रवाई हो:
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी अध्यापक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बड़ा सवाल: क्या शिक्षा के मंदिर अब बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं रहे?
यह घटना एक बार फिर इस गंभीर बहस को जन्म देती है कि क्या निजी स्कूलों पर निगरानी के लिए सख्त नियमों की जरूरत नहीं है?