लू से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी, बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान : डिप्टी कमिश्नर
जालंधर, 21 मई: डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी और हीट वेव (लू) से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सावधानी और समय पर बचाव के उपाय अपनाकर लू से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को लू लगने का खतरा अधिक होता है। ऐसे लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में आंखों के सामने अंधेरा छाना, चक्कर आना, बेचैनी, घबराहट, तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी, अत्यधिक प्यास लगना, कमजोरी महसूस होना, पसीना बंद हो जाना तथा त्वचा का लाल और अत्यधिक गर्म हो जाना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं, कपड़े ढीले करें और पीने के लिए तरल पदार्थ दें। शरीर का तापमान कम करने के लिए सिर और शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें या गीले कपड़े से शरीर साफ करें।
डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि लू लगने की स्थिति में बिना देरी किए मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया जाए ताकि विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में 104 (मेडिकल हेल्पलाइन), 108 (एम्बुलेंस सेवा) और 112 (आपातकालीन सहायता) नंबरों पर संपर्क कर हीट वेव से संबंधित सहायता और जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने लोगों से गर्म मौसम के दौरान अधिक से अधिक पानी पीने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने की भी अपील की।