नीट पेपर लीक पर केंद्र सरकार को केजरीवाल ने घेरा, कहा- देश को अब शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत
नई दिल्ली, 30 मई 2026। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं और इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश को अब एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत है और सरकार पेपर लीक की जड़ तक पहुंचने के बजाय “अनपढ़ों जैसी बातें” कर रही है।
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कहना कि नीट के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए वायु सेना के विमान और बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा, समस्या का वास्तविक समाधान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल परिवहन का तरीका बदल देने से पेपर लीक रुक जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत पेपर लीक रोकने की नहीं है और देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह शिक्षा माफिया के प्रभाव में आ चुकी है। उनके अनुसार, यदि सरकार गंभीर होती तो यह पता लगाती कि प्रश्नपत्र लीक कहां से हो रहे हैं और उस व्यवस्था को ठीक करती।
अपने वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि दुनिया के कई देशों में बड़ी परीक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन वहां प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए सेना का इस्तेमाल नहीं किया जाता। उन्होंने इसे “नौटंकी” बताते हुए कहा कि सरकार केवल बड़े-बड़े ऐलान कर रही है, जबकि व्यवस्था की खामियां जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने हाल में चर्चा में आए छात्र “वेदांत” का भी उल्लेख किया और कहा कि छात्र ने अपनी उत्तरपुस्तिका में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया तो उसे सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। केजरीवाल ने कहा कि ऐसे मामलों में छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि शिक्षा माफिया के खिलाफ अकेले किसी छात्र के लिए लड़ना मुश्किल है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए समाज, छात्रों और अभिभावकों को मिलकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने इसे बच्चों और देश के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
मुख्य बातें:
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केजरीवाल ने कहा कि देश को शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत है।
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नीट पेपर लीक रोकने के लिए एयरफोर्स के इस्तेमाल के प्रस्ताव पर सवाल उठाए।
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शिक्षा व्यवस्था पर शिक्षा माफिया के प्रभाव का आरोप लगाया।
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छात्र वेदांत के मामले का उल्लेख कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई।