पंजाब में ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ता खतरा, 22 साल की युवतियां भी बीमारी की चपेट में; समय पर जांच जरूरी
पंजाब में वर्ष 2025 के दौरान ब्रेस्ट कैंसर से 1,457 मौतों की जानकारी, राज्य में कैंसर के कुल मामलों का अनुमान 43,196 तक पहुंचा
अमृतसर (Mera Bharat News): पंजाब में कैंसर के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। बीमारी के कारण होने वाली मौतों और कम उम्र की महिलाओं में इसके सामने आने वाले मामलों ने समय पर पहचान, नियमित जांच और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पंजाब में ब्रेस्ट कैंसर के कारण 1,457 मौतों की जानकारी सामने आई है, जबकि राज्य में सभी प्रकार के कैंसर के कुल मामलों की संख्या 43,196 होने का अनुमान है। इन आंकड़ों के बीच अमृतसर में भी ब्रेस्ट कैंसर के मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है।
अमृतसर में महिला मरीजों से जुड़े आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
जानकारी के अनुसार, राजकीय मेडिकल कॉलेज अमृतसर में इलाज के लिए आने वाली महिला मरीजों में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों का अनुपात काफी अधिक होने का दावा किया जा रहा है। बताया गया है कि 100 महिला मरीजों में से लगभग 60 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं। हालांकि, इस दावे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए अस्पताल के आधिकारिक आंकड़ों और मरीजों की श्रेणी की पुष्टि आवश्यक है।
चिंता का एक प्रमुख कारण यह भी है कि ब्रेस्ट कैंसर को अब केवल अधिक उम्र की महिलाओं की बीमारी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जानकारी के मुताबिक, 22 वर्ष की युवतियों में भी इस बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में कम उम्र की महिलाओं में भी शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को गंभीरता से लेना जरूरी है।
देश में हर 28 में से एक महिला को जीवनकाल में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा: डॉ. मनीषा नागपाल
श्री गुरु रामदास अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन की प्रोफेसर डॉ. मनीषा नागपाल के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर भारत में महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर साल इस बीमारी के लगभग 2.4 लाख नए मामले सामने आने का अनुमान है। महिलाओं में इसकी अनुमानित दर प्रति एक लाख महिलाओं पर 29.4 मामले बताई जाती है।
कुछ अनुमानों के अनुसार, भारत में हर 28 में से एक महिला को अपने जीवनकाल में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है। हालांकि, यह एक अनुमानित आंकड़ा है और अलग-अलग अध्ययनों, आयु वर्गों तथा क्षेत्रों के आधार पर इसमें अंतर हो सकता है।
पंजाब में भी वर्ष 2025 के दौरान ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 3,388 नए मामले सामने आने का अनुमान बताया गया है। ये आंकड़े महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति अधिक सतर्कता बरतने और कैंसर की समय रहते पहचान सुनिश्चित करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
जागरूकता और समय पर जांच से मिल सकती है मदद
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ लड़ाई में उपचार की सुविधाओं के साथ-साथ जागरूकता भी अहम भूमिका निभाती है। महिलाओं को स्तन में गांठ, आकार या त्वचा में असामान्य बदलाव, निप्पल में बदलाव अथवा असामान्य स्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। हालांकि, हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन उसकी चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
महिलाओं को अपनी उम्र, व्यक्तिगत जोखिम और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। बीमारी का संदेह होने पर जांच में देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि समय पर निदान से उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।
पंजाब में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच जरूरी है कि स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों और सामाजिक संगठनों की ओर से जागरूकता अभियान तेज किए जाएं, ताकि महिलाएं बीमारी के लक्षणों को पहचान सकें और समय रहते चिकित्सकीय सहायता प्राप्त कर सकें।