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पंजाब में डेटा सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, सभी विभागों में मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा बनाने पर जोर

23 Jul 2026 | 8 Views

पंजाब में डेटा सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, सभी विभागों में मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा बनाने पर जोर

पंजाब में डेटा सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, सभी विभागों में मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा बनाने पर जोर

चंडीगढ़ : पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने राज्य के सभी सरकारी विभागों में मजबूत डेटा सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल शासन को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

“राज्य के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कंसल्टेटिव वर्कशॉप को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी एक दोधारी तलवार की तरह है। इससे जहां नागरिकों को अनेक सुविधाएं मिलती हैं, वहीं डेटा सुरक्षा और साइबर खतरों की चुनौतियां भी बढ़ती हैं। इसलिए डेटा का सुरक्षित और जिम्मेदाराना प्रबंधन बेहद जरूरी है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि आज के दौर में डेटा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति बन चुका है। सामाजिक कल्याण योजनाओं, भूमि रिकॉर्ड, नागरिक सेवाओं और अन्य सरकारी कार्यों में डिजिटल माध्यमों का विस्तार हो रहा है। ऐसे में सरकारी डेटाबेस और नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डी.पी.डी.पी.) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों का पालन भी राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि जब कोई नागरिक सरकारी सेवा प्राप्त करने के लिए अपनी निजी जानकारी साझा करता है तो वह सरकार पर भरोसा करता है कि उसका डेटा सुरक्षित रहेगा। इस भरोसे को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। मंत्री ने अधिकारियों को एकजुट होकर काम करने और उभरते साइबर खतरों से निपटने के लिए राज्य की डिजिटल प्रणालियों को लगातार अपग्रेड करने के निर्देश दिए।

कार्यशाला में डी.जी.जी.आई.टी. के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. डी.के. तिवारी ने राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे, स्टेट डेटा सेंटर और स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क की जानकारी देते हुए सभी विभागों से ‘सिक्योर-बाय-डिजाइन’ सिद्धांत अपनाने, नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने और मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा, ए.आई. आधारित डेटा सुरक्षा, डिजिटल परिधि संरक्षण और डी.पी.डी.पी. अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए।

वर्कशॉप में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जोखिम आधारित सुरक्षा मूल्यांकन, लीगेसी एप्लिकेशन के आधुनिकीकरण, साइबर घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप डिजिटल ढांचे को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा की। कार्यशाला से प्राप्त सुझावों और रणनीतिक सिफारिशों को एक व्यापक राज्य रिपोर्ट के रूप में तैयार कर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजा जाएगा।

Published on: 23 Jul 2026

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