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श्री अकाल तख्त साहिब से निकला ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’, सुखबीर बादल ने संगत से की शामिल होने की अपील

25 Jul 2026 | 8 Views

श्री अकाल तख्त साहिब से निकला ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’, सुखबीर बादल ने संगत से की शामिल होने की अपील

श्री अकाल तख्त साहिब से निकला ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’, सुखबीर बादल ने संगत से की शामिल होने की अपील

युवाओं को नशों से दूर कर सिखी से जोड़ने का संदेश, 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब में होगा समापन

अमृतसर। ‘मीरी-पीरी’ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब से विशेष ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ का शुभारंभ किया गया। इस धार्मिक एवं जागरूकता यात्रा में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल तथा एसजीपीसी के कई सदस्य शामिल हुए।

मार्च के शुभारंभ अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने समूची सिख संगत को मीरी-पीरी दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू किया गया यह खालसा मार्च पंजाब के कोने-कोने तक गुरु साहिब के मीरी-पीरी सिद्धांत का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

सुखबीर बादल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा पूरी सिख कौम को इस यात्रा में शामिल होने का संदेश दिया गया है। उन्होंने संगत से अपील की कि मार्च के दौरान अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर गुरु साहिब की शिक्षाओं और मीरी-पीरी के सिद्धांत को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान दें। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ का जयघोष भी किया।

आयोजकों के अनुसार, मीरी-पीरी खालसा मार्च का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखना तथा उन्हें सिखी स्वरूप और गुरु साहिब की शिक्षाओं के साथ जोड़ना है। इसके साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए मीरी-पीरी के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार भी इस यात्रा का प्रमुख लक्ष्य है।

एसजीपीसी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह यात्रा 24 जुलाई को सुबह 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना हुई। पहले दिन यह हाल गेट, पुतलीघर, छेहरटा साहिब और अटारी सहित विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब जी, बीड़ ठट्टा में रात्रि विश्राम करेगी।

इसके बाद मार्च श्री दरबार साहिब तरनतारन, गोइंदवाल साहिब, धर्मकोट (मोगा), वजीदपुर, फरीदकोट, जैतो, श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा सहित विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से होकर आगे बढ़ेगा। यह धार्मिक यात्रा 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो पहुंचकर संपन्न होगी।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लें और सेवा, सफाई तथा लंगर जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर गुरु घर की परंपराओं को आगे बढ़ाएं। धार्मिक नेताओं का मानना है कि यह यात्रा न केवल सिख इतिहास और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Published on: 25 Jul 2026

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