नेशनल डेस्क: विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए इस साल की स्प्रिंग ब्रेक छुट्टियां काफी महंगी साबित हो रही हैं। वेस्ट एशिया में बढ़ते राजनीतिक और सैन्य तनाव के कारण हवाई मार्गों में बदलाव हुआ है, जिससे टिकटों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है।
इस स्थिति ने छात्रों की यात्रा योजनाओं को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। कई छात्र अब अपनी ट्रिप स्थगित कर रहे हैं, जबकि कुछ ने छोटे या क्षेत्रीय रूट्स को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है।
रूट बदलने से बढ़ा खर्च
विदेशी शिक्षा कंसल्टेंसी Global Reach के एक प्रतिनिधि के अनुसार, हाल ही में जर्मनी जाने वाले एक छात्र को दुबई के रास्ते यात्रा करने में दिक्कत आई, जिसके चलते उसे करीब 1.2 लाख रुपये का महंगा टिकट खरीदना पड़ा।
उन्होंने बताया कि अधिकांश छात्रों को सामान्य कीमतों की तुलना में 50,000 रुपये या उससे अधिक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
भारत-यूएस और यूके रूट्स पर बड़ा असर
छात्र आवास प्लेटफॉर्म University Living के संस्थापक सौरभ अरोड़ा के अनुसार,
“यह सिर्फ मामूली बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि प्रमुख छात्र मार्गों पर कीमतों का रीसेट देखने को मिल रहा है।”
- भारत-यूएस रिटर्न टिकट: ₹90,000 से बढ़कर ₹2-3 लाख
- यूके जाने वाली फ्लाइट्स: कुछ तारीखों पर कीमत दोगुनी
उन्होंने कहा कि इसकी मुख्य वजह सीटों की कमी और लंबी यात्रा दूरी है।
कनाडा और यूरोप रूट्स भी प्रभावित
MSM Unify के संस्थापक संजय लौल के अनुसार:
- अमेरिका और कनाडा के टिकट: 20–30% महंगे
- यूरोप और यूके: 15–25% तक बढ़ोतरी
उन्होंने बताया कि कई हवाई क्षेत्रों के बंद होने से उड़ानों के रूट बदल गए हैं, जिससे लागत बढ़ी है।
मुद्रा विनिमय का भी असर
Prithwi Exchange के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कावड़ के मुताबिक:
- पहले भारत-यूएस टिकट: ₹55,000 – ₹90,000
- अब: ₹1.3 लाख – ₹2.3 लाख
इससे छात्रों के डॉलर खर्च में दोगुना या तिगुना इजाफा हुआ है।
यूरोप के टिकट भी अब $1200 से $1500 तक पहुंच चुके हैं।
छात्रों ने बदली रणनीति
बढ़ती कीमतों के चलते कई छात्र:
- अपनी यात्रा टाल रहे हैं
- छुट्टियों को छोटा कर रहे हैं
- पास के देशों या घरेलू यात्रा को चुन रहे हैं
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में छात्रों को:
- पहले से टिकट बुक करना चाहिए
- वैकल्पिक रूट्स की तुलना करनी चाहिए
- फ्लेक्सिबल ट्रैवल प्लान रखना चाहिए