जालंधर, 30 मार्च : अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने पंजाब सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन अंडर सेक्शन 19 एयर प्रीवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन एक्ट 1981 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अधीन प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए जिला जालंधर (देहाती) में गेहूं की पराली/अवशेष को आग लगाने पर पाबंदी लगा दी है। यह आदेश 29.05.2026 तक लागू रहेगा।
आदेशों में कहा गया है कि साल-2026 की गेहूं की कटाई शुरू होने वाली है। आम तौर पर देखने में आया है कि गेहूं काटने के उपरांत इसके अवशेष को आग लगा दी जाती है, जिससे सांस की बीमारियां हो सकती हैं। पराली/गेहूं की अवशेष को आग लगाने से जमीन का उपयोगी जीवक मादा, जो कि जमीन के लिए बहुत लाभदायक है, का भी नुकसान होता है। इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति घटती है और जमीन की ऊपरी सतह आग से जलने के कारण इसमें मौजूद कई लाभदायक जीवाणु मर जाते हैं, जिससे खेत की उपजाऊ शक्ति नष्ट होती है। इससे आस-पास खड़ी फसल या गांव में भी आग लगने का डर रहता है। सड़कों के आस-पास मौजूद गेहूं की अवशेष को आग लगाने से आवाजाही में विघ्न पड़ता है और कई हादसे होने का खतरा बना रहता है, जिससे सीधा नुकसान किसानों को होता है और अप्रत्यक्ष रूप से असर देश के उत्पादन पर पड़ता है।