बेअदबी मामलों की गहराई से जांच होगी, दोषियों को जेल भेजा जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत मान
टांडा (होशियारपुर), 17 जून। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा है कि राज्य में अतीत में हुई बेअदबी की घटनाओं की गहन जांच करवाई जाएगी और दोषियों को कानून के कठघरे में लाकर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब ने पिछले कई दशकों में विभाजन, आतंकवाद, दंगों और राजनीतिक शोषण का दर्द झेला है, लेकिन अब राज्य विकास और खुशहाली के नए दौर की ओर बढ़ रहा है।
होशियारपुर जिले के टांडा विधानसभा क्षेत्र के गांव भट्टलां में आयोजित "लोक मिलनी" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को प्रकृति ने उपजाऊ भूमि, पर्याप्त जल संसाधन, अनुकूल मौसम और मेहनती लोग दिए हैं, लेकिन राज्य को लंबे समय तक ऐसी नेतृत्व व्यवस्था नहीं मिली जो पंजाब के हितों को सर्वोपरि रख सके।
बेअदबी और गोलीकांड मामलों में न्याय का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरगाड़ी बेअदबी कांड, बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड जैसी घटनाओं ने पंजाब और विशेष रूप से सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने "जागृत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026" लागू किया है, जिसके तहत बेअदबी के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
'रंगला पंजाब' बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा ऐसा वातावरण तैयार करने के लिए काम कर रही है जिससे युवाओं को विदेशों में बेहतर भविष्य तलाशने के लिए मजबूर न होना पड़े।
उन्होंने कहा, "हम ऐसा रंगला पंजाब बनाना चाहते हैं जहां युवा अपने परिवारों और अपनी मिट्टी से जुड़े रहकर ही अपने सपने पूरे कर सकें।"
महिला कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि समूह-सी और समूह-डी वर्ग की महिला कर्मचारियों को उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में तैनात करने की नीति लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से स्टाफ नर्सों, शिक्षिकाओं, महिला पुलिस कर्मियों और अन्य हजारों महिला कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
बिजली, सिंचाई और कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 14 हजार किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन और खालों का निर्माण किया गया है तथा 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने "मांवां-धियां सत्कार योजना" का उल्लेख करते हुए कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता दी जाएगी।
स्वास्थ्य योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि "मुख्यमंत्री सेहत योजना" के तहत पंजाब का प्रत्येक परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का हकदार है। उन्होंने दावा किया कि अब तक राज्य के लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी अब केवल एक परिवार तक सीमित होकर रह गई है और पंजाब के लोग अब उसे स्वीकार नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की राजनीति का समर्थन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री Ravjot Singh, विधायक Jasbir Singh Raja Gill, Karambir Singh Ghuman सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।