पंजाब राज्य व्यापारी आयोग की बैठक में व्यापारियों से रूबरू हुए केजरीवाल और मान, विपक्ष पर साधा निशाना
जालंधर, 13 जून। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर में आयोजित पंजाब राज्य व्यापारी आयोग की बैठक के दौरान व्यापारियों, दुकानदारों और कारोबारियों के साथ सीधा संवाद किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, राज्य सरकार की उपलब्धियों और विपक्षी दलों की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि छोटे व्यापारी राज्य और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने उनकी समस्याओं को कभी गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की आवाज सीधे सरकार तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भगवंत मान सरकार ने पंजाब राज्य व्यापारी आयोग का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि आयोग राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर कार्य कर रहा है तथा पूरे पंजाब के बाजारों और मंडियों में जाकर व्यापारियों की समस्याएं सुन रहा है। आयोग द्वारा प्राप्त शिकायतों और सुझावों को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जाता है, जहां उनकी निगरानी और समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
व्यापारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान व्यापारियों और उद्योगपतियों को जबरन वसूली तथा विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जबकि वर्तमान सरकार ने ऐसे माहौल को समाप्त करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कानून व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कई वांछित अपराधियों को विदेशों से वापस लाया गया है और नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पारदर्शी शासन, विकास और जनकल्याण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के बीच जाकर फीडबैक ले रही है और लोगों की जरूरतों के अनुसार नीतियां बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों को रोजगार देने वाला वर्ग मानते हुए सरकार उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और सिंचाई व्यवस्था में सुधार के कारण नहरी पानी की पहुंच 22 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
भगवंत मान ने दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक 67 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा बल, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के पास पंजाब के विकास के लिए कोई स्पष्ट दृष्टि या रोडमैप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग किया, जबकि वर्तमान सरकार जनहित और विकास को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान भाईचारे, प्रगति और विकास से है तथा राज्य के लोग विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने लोगों से पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार का सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में वरिष्ठ आप नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, मोहिंदर भगत सहित कई अन्य नेता और बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।